साइकिल से 40 हजार KM की भारत यात्रा पर निकला हरियाणा का युवक; उज्जैन पहुंचकर किए बाबा महाकाल के दर्शन
Mahesh Prajapati India Tour: हरियाणा के रेवाड़ी निवासी महेश प्रजापति 40 हजार किलोमीटर की भारत यात्रा के दौरान उज्जैन पहुंचे और बाबा महाकाल के दर्शन कर अपनी मुहिम को आगे बढ़ाया।
- Reported By: अजय नीमा | Edited By: सजल रघुवंशी
उज्जैन पहुंचे महेश प्रजापति (सोर्स- सोशल मीडिया)
Haryana Youth Cycle Journey: हरियाणा के रेवाड़ी निवासी 28 वर्षीय महेश प्रजापति इन दिनों 40 हजार किलोमीटर की भारत यात्रा साइकिल से कर रहे हैं। अपनी इस अनोखी यात्रा के 109वें दिन वे बुधवार को उज्जैन पहुंचे, जहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने बताया कि यह यात्रा केवल पर्यटन नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक प्रयास है।
महेश ने बताया कि उन्होंने 15 मार्च को रेवाड़ी से अपनी यात्रा शुरू की थी। अब तक वे करीब 5 हजार किलोमीटर का सफर तय कर चुके हैं। राजस्थान का दौरा पूरा करने के बाद वे मध्यप्रदेश पहुंचे हैं। उज्जैन के बाद उनकी यात्रा इंदौर, गुजरात और देश के अन्य राज्यों की ओर आगे बढ़ेगी। पूरी यात्रा लगभग 600 दिनों में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
युवाओं को दे रहे सकारात्मक संदेश
महेश का कहना है कि उनकी यात्रा का उद्देश्य सनातन संस्कृति, मानसिक स्वास्थ्य, फिट इंडिया अभियान और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना है। वे जहां भी पहुंचते हैं, वहां स्कूलों और कॉलेजों में जाकर युवाओं से संवाद करते हैं। उनका संदेश है कि स्वस्थ शरीर और सकारात्मक सोच ही जीवन की सबसे बड़ी ताकत है।
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28 राज्य, 12 ज्योतिर्लिंग और चारधाम का लक्ष्य
महेश ने बताया कि इस अभियान के दौरान वे देश के सभी 28 राज्यों, 8 केंद्र शासित प्रदेशों, 12 ज्योतिर्लिंग, चारधाम, लद्दाख और कई प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थलों तक पहुंचेंगे। उनका मानना है कि भारत की सांस्कृतिक विविधता दुनिया में सबसे अनोखी है और इसे करीब से समझना उनके जीवन का सपना है।
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पहले भी कर चुके हैं अंतरराष्ट्रीय साइकिल यात्राएं
महेश इससे पहले नेपाल, भूटान, वियतनाम और थाईलैंड की साइकिल यात्राएं भी पूरी कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि बदलता मौसम इस यात्रा की सबसे बड़ी चुनौती है, लेकिन परिवार के सहयोग और मजबूत इरादों के बल पर वे लगातार आगे बढ़ रहे हैं। उनके पिता भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त हैं और परिवार का पूरा समर्थन उन्हें इस अभियान में मिल रहा है।
