

Jalna Tree Plantation: छत्रपति संभाजीनगर जिले के जालना तहसील में पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार के उद्देश्य से राज्य सरकार ने वर्ष 2026 के लिए जालना जिले में 20 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस महत्वाकांक्षी अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों और अन्य शासकीय संस्थाओं को उनकी क्षमता के अनुसार लक्ष्य सौंपे गए हैं। जिला कलेक्टर आशिमा मित्तल ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्धारित लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्रीय वन नीति-1988 के अनुसार देश के कम से कम 33 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में वनावरण होना चाहिए, वर्तमान में महाराष्ट्र में वन एवं वृक्ष आवरण मिलाकर यह आंकड़ा केवल 21.25 प्रतिशत है। निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने के लिए राज्य में हरित क्षेत्र का और विस्तार आवश्यक है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक 300 करोड़ पौधे लगाने का दीर्घकालिक अभियान शुरू किया है।
जिला कलेक्टर आशिमा मित्तल ने कहा है कि सभी विभाग निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करें। केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी सुरक्षा, सिंचाई, देखभाल और संरक्षण भी सुनिश्चित करें। अभियान की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखना और विकसित करना भी है।
प्रत्येक विभाग को अपने हिस्से के पौधारोपण की योजना बनानी होगी तथा उनकी नियमित देखभाल और निगरानी सुनिश्चित करनी होगी, ताकि अधिकतम पौधे जीवित रह सकें इसके अतिरिक्त पुलिस, लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, उद्योग विभाग, स्वास्थ्य विभाग, ऊर्जा विभाग, परिवहन विभाग, पर्यटन विभाग, भारतीय रेल, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, विद्युत वितरण कंपनी, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पशुपालन विभाग, डेयरी विकास विभाग, आबकारी विभाग, न्याय विभाग, श्रम विभाग तथा अन्य शासकीय संस्थाओं को भी उनके कार्यक्षेत्र के अनुरूप लक्ष्य आवंटित किए गए है।
| विभाग | पौधों की संख्या |
|---|---|
| रेशम विकास विभाग | 9,14,000 |
| वन विभाग | 4,00,000 |
| ग्राम पंचायत विभाग | 3,00,000 |
| कृषि विभाग | 2,00,000 |
| स्कूली शिक्षा विभाग | 60,000 |
| जिला परिषद (ग्रामीण विकास) | 50,000 |
| राजस्व विभाग | 22,000 |
| जल संरक्षण विभाग | 10,000 |
| कुल | 19,56,000 |