ई-रिक्शा चालकों को बना रहे थे शिकार! मोबाइल ऐप से वाहन बंद कर वसूलते थे रुपये, पुलिस ने हिरासत में लिया
E-Rickshaw Fraud: मोबाइल ऐप के जरिए ई-रिक्शा को बंद कर चालकों से रुपये वसूलने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। चालकों की शिकायत पर उज्जैन पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
- Reported By: अजय नीमा | Edited By: प्रीतेश जैन
ई रिक्शा बंद करने वाला पुलिस हिरासत में (फोटो सोर्स:नवभारत)
Ujjain E-Rickshaw Scam: उज्जैन में ई-रिक्शा चालकों से ठगी का एक नया तरीका सामने आया है। आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व रात के समय सुनसान इलाकों में ई-रिक्शा को तकनीकी तरीके या मोबाइल ऐप के जरिए बंद कर देते थे। इसके बाद वही लोग मददगार बनकर पहुंचते और वाहन चालू कराने के नाम पर चालकों से 200 से 300 रुपये या उससे अधिक की रकम वसूल लेते थे। इस मामले की शिकायत कई चालकों और असंगठित ई-रिक्शा चालक-परिचालक संघ ने पुलिस से की है।
पीड़ित चालकों ने एडिशनल एसपी आलोक शर्मा को शिकायत देकर बताया कि आरोपी पहले वाहन को बंद कर देते थे और फिर खुद को तकनीकी जानकार बताकर कुछ ही मिनटों में ई-रिक्शा चालू कर पैसे वसूल लेते थे। लगातार ऐसी घटनाएं सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू कर दी।
क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस जांच में जुटी
मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच और संबंधित थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई है। पुलिस शहरभर के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और संदिग्ध गतिविधियों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि वास्तव में किसी मोबाइल ऐप या अन्य तकनीकी माध्यम से ई-रिक्शा को प्रभावित किया जा सकता है या नहीं।
सम्बंधित ख़बरें
उज्जैन: चलती कार से स्टंट करना पड़ा भारी, युवक का कटा 5 हजार का चालान, वीडियो वायरल होने पर पुलिस का एक्शन
बालाघाट में डीएसपी संतोष पटेल की पहल से बदली तस्वीर, सड़क पर भटकते बच्चों को समझाकर भेजा स्कूल, वीडियो वायरल
ई-अटेंडेंस पर सरकार सख्त, 90% से कम उपस्थिति वाले शिक्षकों का वेतन जारी करने पर संकुल प्राचार्य होंगे निलंबित
दमोह: लोकार्पण मंच से भाजपा नेता का फूटा गुस्सा, 1.23 करोड़ के स्कूल भवन की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
एक संदेही हिरासत में
जांच के दौरान नीलगंगा थाना पुलिस ने ग्राम नवली निवासी 18 वर्षीय रीतेश भानूपा को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया है। उससे मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें:मंदसौर में गुरुग्राम पुलिस को चकमा देकर भागे आरोपी बाप-बेटे, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
उज्जैन पुलिस ने ई-रिक्शा चालकों से अपील की है कि वाहन खराब होने पर किसी अनजान व्यक्ति को पैसे न दें। केवल अधिकृत सर्विस सेंटर या तकनीशियन से ही संपर्क करें। यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति मदद के नाम पर पैसे मांगे तो उसकी जानकारी, फोटो या वाहन नंबर सुरक्षित रखें और तुरंत डायल 100/112, साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत करें।
