सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में श्रद्धालुओं पर टूटा अव्यवस्थाओं का कहर, दो महिलाओं की मौत
Two women died in Kubereshwar Dham : सीहोर जिले में स्थित कुबेरेश्वर धाम में अचानक श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने से हड़कंप मच गया। इस दौरान भीड़ में दबने से दो महिलाओं की मौत हो गई है।
- Written By: पूजा सिंह
कथावाचक प्रदीप मिश्रा
Two Died in Stampede At Kubereshwar Dham : मंगलवार को मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में स्थित कुबेरेश्वर धाम में एक बड़ा हादसा हो गया। यहां भारी भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति उतपन्न होने से दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 10 से ज्यादा श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए है। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बताया जा रहा है कि 6 अगस्त सावन माह के अंतिम बुधवार को कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा कांवड़ यात्रा निकालने वाले हैं। कांवड़ यात्रा कुबेरेश्वर धाम से चितावलिया हेमा गांव तक प्रस्तावित है। यात्रा में शामिल होने के लिए देश के अलग-अलग राज्यों से हजारों श्रद्धालु कुबेरेश्वर धाम पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि दर्शन, ठहराव और प्रसादी वितरण की व्यवस्था भारी भीड़ के आगे धाम में व्यवस्था नाकाफी साबित हुई है। जिसके कारण कई जगह भगदड़ जैसे हालात बन गए है।
दो महिलाओं की मौत
बताया जा रहा है कि भारी भीड़ में दबने से दोनोंं महिलाओं की मौत हुई है। इस हादसे में जिन दोनों महिलाओं की मौत हुई है उनकी उम्र लगभग 50 वर्ष बताई जा रही है। प्रशासन और पुलिस मृत महिलाओं की पहचान करने में जुटे हैं। साथ ही घटनास्थल पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। घटना के बाद से श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने लोगों से स्थिति सामान्य होने तक संयम बरतने की अपील की है।
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व्यवस्थाएं हुई नाकाम
वहीं दूसरी तरफ प्रशासन और आयोजकों ने कहा था कि करीब 4 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने की तैयारी की गई है। इसके लिए नमक चौराहा, राधेश्याम कॉलोनी, बजरंग अखाड़ा, अटल पार्क और शहर की दूसरी जगहों पर इंतजाम किए गए थे। लेकिन एक दिन पहले ही भारी भीड़ आने से सारी व्यवस्थाएं नाकाम हो गईं।
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2023 में भी मची थी भगदड़
बता दें कि, यह पहला मामला नहीं जब कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ मची है। इससे पहले 16 फरवरी साल 2023 में भी रुद्राक्ष वितरण के दौरान भगदड़ मची थी। जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी। इस भगदड़ में 4 लोग लापता भी हुए थे। इसके बाद दूसरे दिन 17 फरवरी को एक 3 साल के बच्चे की भी मौत हो गई थी। इस दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन को रुद्राक्ष महोत्सव रोकना पड़ा था।
