टीकमगढ़ में ग्रामीणों का गजब का जज्बा; मानसागर तालाब पर प्लास्टिक के ड्रमों से बना डाला 80 फीट लंबा तैरता पुल

Tikamgarh Floating Bridge: रानीपुरा में ग्रामीणों की मजबूरी और अनूठा जज्बा, मानसागर तालाब का रास्ता डूबने पर ग्रामीणों ने खुद चंदा जुटाकर प्लास्टिक के ड्रमों और बांस से तैयार किया अस्थायी तैरता पुल।
Tikamgarh Villagers Build 80 Feet Floating Bridge
टीकमगढ़ में ग्रामीणों ने बनाया प्लास्टिक के ड्रमों से तैरता पुल(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Tikamgarh Villagers Build 80 Feet Floating Bridge: मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से ग्रामीणों की मजबूरी और जज्बे की तस्वीर सामने आई है। मोहनगढ़ तहसील के रानीपुरा गांव में बारिश के दौरान मानसागर तालाब का रास्ता पानी में डूब जाता है। लंबे समय से पुल नहीं बनने से परेशान ग्रामीणों ने अब खुद ही इसका समाधान खोज लिया।

ग्रामीणों ने आपस में चंदा जुटाकर प्लास्टिक के ड्रम, बांस और रस्सियों की मदद से करीब 80 फीट लंबा अस्थायी तैरता पुल तैयार कर दिया। अब गांव के लोग इसी पुल के सहारे रोजाना तालाब का रास्ता पार कर रहे हैं।

बारिश में डूब जाता है गांव का रास्ता

टीकमगढ़ जिले के रानीपुरा गांव से बाहर निकलने वाला रास्ता बारिश के मौसम में मानसागर तालाब के पानी में डूब जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक, दूसरा रास्ता कई किलोमीटर लंबा होने के साथ-साथ जर्जर भी है। बारिश के दौरान वहां कीचड़ जमा हो जाता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में ग्रामीणों के सामने रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए तालाब पार करने के अलावा कोई आसान विकल्प नहीं बचता।

बच्चे स्कूल, ग्रामीण अस्पताल और बाजार जाते हैं

अस्थायी तैरते पुल का इस्तेमाल गांव के बच्चे स्कूल जाने के लिए कर रहे हैं। वहीं ग्रामीण अस्पताल, बाजार, खेत और मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए इसी पुल से गुजरते हैं। प्लास्टिक के ड्रमों और बांस से बनाया गया यह पुल पानी के ऊपर तैरता है। रस्सियों की मदद से इसे बांधा गया है, ताकि लोग किसी तरह संतुलन बनाकर दूसरी तरफ पहुंच सकें। हालांकि, इस अस्थायी व्यवस्था में जोखिम भी बना हुआ है।

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कई बार आवेदन के बाद भी नहीं बना पुल

ग्रामीणों रमेश, सुमेरा और रानी केवट ने बताया कि स्थायी पुल निर्माण के लिए कई बार नेताओं के साथ शासन और प्रशासन के अधिकारियों को आवेदन दिए गए। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। आखिरकार ग्रामीणों ने खुद चंदा जुटाया और जरूरी सामान खरीदकर पानी के ऊपर यह अस्थायी पुल बना लिया। ग्रामीणों का कहना है कि यह उनकी मजबूरी है, क्योंकि बारिश के दौरान आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है।

जिला पंचायत CEO ने जल्द समाधान का भरोसा दिया

जिला पंचायत सीईओ विशाल धाकड़ ने मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने ड्रमों के ऊपर पुलनुमा आकृति तैयार की है, जिस पर चलकर लोग पानी पार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन इस अस्थायी पुल की जगह जल्द स्थायी पुल का निर्माण कराएगा, ताकि बारिश में बच्चों और ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवागमन न करना पड़े।

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