

Khargapur Hospital E-Scooty Incident: टीकमगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरगापुर में बुजुर्गों और दिव्यांग मरीजों की सुविधा के लिए बनाए गए रैंप पर बाइक दौड़ने का मामला सामने आया है। घटना का सीसीटीवी वीडियो सोमवार को सामने आया है। जिसमें खरगापुर अस्पताल के रैंप पर भाजपा मंडल महामंत्री को ई-स्कूटी चलाते साफ तौर पर देखा गया है। इस घटना को अस्पताल जाने वाले मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ बताया जा रहा है।
दरअसल, खरगापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की सुविधा और सुरक्षित आवाजाही के लिए बनाए गए रैंप पर ई-स्कूटी दौड़ाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि भाजपा मंडल महामंत्री प्रशांत शुक्ला अस्पताल के रैंप पर कई बार ई-स्कूटी से चक्कर लगाते नजर आए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद होने की बात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि अस्पताल का रैंप मरीजों, बुजुर्गों, दिव्यांगों और गंभीर हालत में आने-जाने वाले लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया है। ऐसे में इसी रैंप पर ई-स्कूटी चलाए जाने से मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल के सुरक्षा गार्ड रवि का कहना है कि अस्पताल के मुख्य गेट पर उसने प्रशांत को ई बाइक ले जाने से मना किया था, लेकिन भी नहीं माने और अंदर ले गए।
ई-स्कूटी को प्रथम तल से लेकर ऊपरी तल तक रैंप पर चलाया गया। अस्पताल में रैंप पर अक्सर मरीजों को व्हीलचेयर, स्ट्रेचर या सहारे के साथ ले जाया जाता है। यदि इसी दौरान कोई दोपहिया वाहन तेज गति से रैंप पर आता है तो मरीज या उनके परिजन उसकी चपेट में आ सकते हैं। खासकर बुजुर्ग, बच्चे और गंभीर मरीज अचानक सामने आने वाले वाहन से बचने की स्थिति में नहीं होते।
लापरवाही के कारण यदि कोई मरीज या अस्पताल कर्मचारी वाहन की चपेट में आकर घायल हो जाता है तो मामला केवल अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिम्मेदारी और कार्रवाई का सवाल भी खड़ा हो सकता है। वीडियो सामने आने के बाद बीएमओ डॉक्टर अंकित त्रिपाठी का कहना है कि मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
घटना 18 सितंबर की बताई जा रही है। 19 सितंबर को यह मामला मेरे संज्ञान में आया था। इस संबंध में प्रशांत शुक्ला ने लिखित माफी नामा दिया है। जिसमें उन्होंने पेशेंट की तबीयत ज्यादा खराब होने पर जल्दबाजी में गाड़ी लेकर अस्पताल में प्रवेश करने की बात कही है। हालांकि पूरे मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।