15 करोड़ की बैंक डकैती के आरोपी अब भी फरार, बिहार-ओडिशा से लौटी पुलिस टीम, 5 में से सिर्फ एक आरोपी गिरफ्तार
Singrauli Crime News: सिंगरौली के बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हुई 15 करोड़ रुपये के गोल्ड और नकदी की डकैती के 45 दिन बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
जांच करते पुलिस अधिकारी (फोटो सोर्स- नवभारत)
Singrauli Bank of Maharashtra Robbery: सिंगरौली शहर के बीचोंबीच स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में दिनदहाड़े हुई करोड़ों रुपये की डकैती का मामला 45 दिन बाद भी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। 17 अप्रैल को हुई इस सनसनीखेज वारदात में शामिल पांच आरोपियों में से अब तक केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी हो सकी है, जबकि मुख्य आरोपी और लूट की बड़ी रकम अभी भी पुलिस की पहुंच से बाहर है।
जानकारी के अनुसार 17 अप्रैल की दोपहर हथियारों से लैस पांच बदमाश बैंक में घुसे थे। आरोपियों ने बैंक कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बनाकर करीब 20 लाख रुपये नकद तथा लगभग 15 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण लूट लिए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शहर के व्यस्त इलाकों से होते हुए छत्तीसगढ़ सीमा की ओर फरार हो गए थे।
3 राज्यों में दी दबिश
घटना के बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर जांच अभियान शुरू किया। सिंगरौली, रीवा, जबलपुर, सतना और भोपाल सहित विभिन्न जिलों के 50 से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी बिहार, ओडिशा तथा झारखंड में लगातार दबिश देते रहे। हालांकि लंबे अभियान के बावजूद पुलिस को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी और टीम खाली हाथ लौट आई।
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मुख्य आरोपी तक नहीं पहुंच सकी पुलिस
जांच के दौरान पुलिस ने बिहार से पांच लोगों को हिरासत में लेकर सिंगरौली लाया। इनमें से कुछ लोगों पर आरोपियों की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मदद करने का संदेह जताया गया, जिसके चलते उन्हें सह-आरोपी बनाया गया। पुलिस ने उनसे पूछताछ और रिमांड के जरिए कई सुराग जुटाने का प्रयास किया, लेकिन मुख्य आरोपियों के ठिकानों तक पहुंचने में सफलता नहीं मिली।
फर्जी दस्तावेजों के जरिए किराये पर लिया मकान
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी वारदात से पहले मोरवा क्षेत्र में किराये के मकान में लगभग 15 दिनों तक रुके हुए थे। मकान किराये पर लेने के दौरान उन्होंने कथित रूप से फर्जी पहचान दस्तावेजों का उपयोग किया, जिससे उनकी वास्तविक पहचान और पते का सत्यापन करने में पुलिस को काफी समय लग गया।
बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस हाई-प्रोफाइल डकैती ने बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। जिस बैंक में करोड़ों रुपये मूल्य के सोने के आभूषण गिरवी रखे गए थे, वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। बैंक में सीसीटीवी कैमरे तो लगे थे, लेकिन सुरक्षा गार्ड की अनुपस्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
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पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
फिलहाल पुलिस का दावा है कि जांच जारी है और फरार आरोपियों की तलाश के लिए विभिन्न राज्यों में लगातार सूचनाएं जुटाई जा रही हैं। हालांकि डेढ़ महीने बाद भी मुख्य आरोपियों का सुराग न मिलना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
