सीधी में किताबों की जगह झाड़ू! छात्रावास की छात्राओं से सफाई कराने का वीडियो वायरल

Hostel Students Cleaning Premises: कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास की खुली पोल, छात्राओं से टॉयलेट टैंक साफ कराने और झाड़ू लगवाने का वीडियो वायरल, लोगों का फूटा गुस्सा।
A viral video from Sidhi has sparked controversy after hostel girls were allegedly seen sweeping the premises instead of attending their regular academic activities
सीधी में होस्टल की छात्रों से करवाई साफ-सफाई (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Viral Video Of Hostel Girls Sweeping In Sidhi: सीधी जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका छात्रावास का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में छात्रावास की बालिकाओं से सफाई कार्य कराए जाने का दावा किया जा रहा है। वायरल वीडियो ने शिक्षा व्यवस्था, छात्रावास प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वायरल वीडियो में कुछ छात्राएं छात्रावास परिसर में स्थित टॉयलेट के पानी के टैंक (सिंटेक्स) की सफाई करती हुई दिखाई दे रही हैं। वहीं कुछ छात्राएं दो मंजिला भवन की छत पर झाड़ू लगाते हुए नजर आ रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

छात्रावास में  लंबे समय से बनी अव्यवस्थाएं और अनियमितताएं

स्थानीय लोगों का आरोप है कि छात्रावास में लंबे समय से अव्यवस्थाएं और अनियमितताएं बनी हुई हैं। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि छात्रावास के संचालन में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक किसी सक्षम अधिकारी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

छात्रावास के संचालन को लेकर पहले भी हो चुकी शिकायतें

क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि छात्रावास के संचालन को लेकर पूर्व में भी शिकायतें सामने आती रही हैं। यदि जांच में इन शिकायतों की पुष्टि होती है, तो यह मामला छात्राओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और उनके अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय माना जाएगा।

छात्रावास पर जिम्मेदारी तय होना आवश्यक

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिन छात्राओं के हाथों में किताब और कलम होनी चाहिए, उनसे इस प्रकार का सफाई कार्य कराना क्या नियमों के अनुरूप है? यदि ऐसा हुआ है तो संबंधित अधिकारियों और छात्रावास प्रबंधन की जिम्मेदारी तय होना भी आवश्यक होगा।

जिला प्रशासन का वीडियो की सत्यता पर नहीं आया आधिकारिक बयान

फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से वायरल वीडियो की सत्यता को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करता है या नहीं।

यदि जांच में छात्राओं से टॉयलेट टैंक सहित अन्य सफाई कार्य कराए जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो सकती है।

https://youtu.be/c1SbHvV-7UY?si=_1P3-Y9C8Eakixs6

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