

Sehore SBI Kiosk Fraud : सीहोर जिले के बिलकिसगंज क्षेत्र के झागरिया स्थित SBI कियोस्क सेंटर से खाताधारक के साथ कथित वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कियोस्क संचालक राजाबाबू उर्फ राज परमार पर आरोप है कि उसने खाताधारक के खाते से 11 हजार रुपये की निकासी की, लेकिन उसे केवल 9 हजार रुपये दिए और 2 हजार रुपये अपने पास रख लिए। मामले में पीड़ित ने पुलिस और बैंक अधिकारियों से शिकायत की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित खाताधारक पैसे निकालने के लिए झागरिया स्थित SBI कियोस्क सेंटर पहुंचा था। आरोप है कि कियोस्क संचालक ने बायोमेट्रिक प्रक्रिया के जरिए उसके खाते से 11 हजार रुपये की निकासी की। इसके बाद संचालक ने पीड़ित को केवल 9 हजार रुपये दिए और बाकी 2 हजार रुपये कथित तौर पर अपने पास रख लिए। पीड़ित ने इसे अपने साथ हुई वित्तीय धोखाधड़ी बताया है।
मामले में एक और लेनदेन सामने आने का दावा किया गया है। आरोप है कि मुख्य निकासी के बाद कियोस्क संचालक ने पीड़ित के PhonePe अकाउंट पर 1-1 रुपये के 15 अलग-अलग ट्रांजैक्शन किए। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इन छोटे-छोटे डिजिटल लेनदेन के जरिए लेनदेन की हिस्ट्री को उलझाने या मुख्य निकासी से जुड़े साक्ष्यों को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
पीड़ित ने कथित धोखाधड़ी को लेकर सीहोर पुलिस के साथ SBI के वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत दी है। शिकायत में कियोस्क संचालक पर खाताधारक के पैसे हड़पने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, पीड़ित पक्ष का कहना है कि शिकायत के बावजूद अब तक कियोस्क संचालक के खिलाफ कोई ठोस प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कियोस्क सेंटर बैंकिंग सेवाओं का महत्वपूर्ण माध्यम हैं, ऐसे में खाताधारकों के साथ कथित धोखाधड़ी से लोगों का बैंकिंग व्यवस्था पर भरोसा प्रभावित हो सकता है। ग्रामीणों ने जांच कर दोषी पाए जाने पर कियोस्क संचालक का लाइसेंस रद्द करने, पीड़ित को 2 हजार रुपये वापस दिलाने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामले में SBI बैंक और पुलिस की ओर से आधिकारिक कार्रवाई या जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।