हादसों के बाद भी नहीं जागा प्रशासन! नर्मदा में बिना सुरक्षा के हो रहा सफर, हर दिन खतरे में सैकड़ों जानें
Sehore News: सीहोर के नर्मदा घाटों पर बिना लाइफ जैकेट और सुरक्षा इंतजामों के नावों का संचालन जारी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हादसे की आशंका जताई है।
- Reported By: विजेंद्र सिंह राणा | Edited By: प्रीतेश जैन
बिना सुरक्षा इंतजाम के नदी पार करते लोग (फोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन)
Sehore Narmada Boat Safety: जबलपुर में हाल ही में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद भी सीहोर जिले में प्रशासनिक लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। जिले की सीमा से लगे नर्मदा नदी के विभिन्न घाटों पर आज भी लोग बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के नावों में सफर करने को मजबूर हैं। भेरूंदा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत बाबरी घाट सहित कई स्थानों पर यात्रियों को क्षमता से अधिक संख्या में नावों में बैठाकर नदी पार कराई जा रही है, जिससे हर समय बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।
नवभारत लाइव की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, नर्मदा नदी के घाटों पर रोजाना ग्रामीणों, किसानों और श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। कई गांवों के लोगों के लिए नदी पार करने का प्रमुख साधन नाव ही है। लेकिन इन नावों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा। अधिकांश नावों में यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय या अन्य आपातकालीन सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं हैं।
शिकायत के बाद भी प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि नावों में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया जाता है और नाव संचालन की निगरानी के लिए घाटों पर कोई जिम्मेदार अधिकारी या सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं रहता।
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छोटी सी चूक से हो सकता है बड़ा हादसा
नर्मदा नदी में बारिश के मौसम के दौरान जलस्तर और बहाव दोनों तेजी से बढ़ जाते हैं। ऐसे में किसी भी छोटी चूक से बड़ा हादसा हो सकता है। बावजूद इसके प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए कोई विशेष पहल दिखाई नहीं दे रही है। नियमों के अनुसार व्यावसायिक रूप से संचालित हर नाव का पंजीयन, फिटनेस परीक्षण और यात्रियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा संसाधन होना अनिवार्य है। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई घाटों पर इन नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है।
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विशेष जांच अभियान की मांग
क्षेत्रवासियों ने सीहोर जिला प्रशासन से मांग की है कि घाटों पर विशेष जांच अभियान चलाया जाए, नावों की क्षमता और सुरक्षा मानकों की जांच की जाए तथा बिना सुरक्षा व्यवस्था संचालित होने वाली नावों पर तत्काल रोक लगाई जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल लोगों की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
