सीहोर में बड़ा हादसा: श्रीमद्भागवत कथा के दौरान गिरा पंडाल, दबने से 30 श्रद्धालु घायल, मची अफरा-तफरी
Aashta Pandal Collapse: सीहोर जिले के आष्टा में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान पंडाल गिर गया। हादसे में 30 श्रद्धालु घायल हो गए, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है। आयोजकों पर लापरवाही का आरोप लगा है।
- Written By: प्रीतेश जैन
कथा में गिरा पंडाल (फोटो सोर्स- नवभारत)
Sehore Bhagwat Katha Accident: सीहोर जिले के आष्टा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान बड़ा हादसा हो गया। प्रसिद्ध कथावाचक कमल किशोर नागर की कथा के लिए लगाए गए मुख्य पंडाल का टेंट अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे के बाद कथा स्थल पर अफरा-तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार करीब 25 से 30 श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कथा सुनने के लिए पंडाल में हजारों श्रद्धालु मौजूद थे। इसी दौरान अचानक टेंट का एक बड़ा हिस्सा गिर गया, जिससे कई लोग उसके नीचे दब गए। टेंट गिरते ही लोगों में दहशत फैल गई और बाहर निकलने की कोशिश में भगदड़ मच गई।
कुछ घायल जिला अस्पताल रेफर
स्थानीय लोगों, स्वयंसेवकों और पुलिस की मदद से घायलों को तत्काल निकाला गया और नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल कुछ श्रद्धालुओं को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।
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मध्य प्रदेश के आष्टा में चल रही प्रसिद्ध कथावाचक कमल किशोर नागर जी की श्रीमद्भागवत कथा के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ हजारों श्रद्धालुओं से खचाखच भरे मुख्य कथा पंडाल का टेंट अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। टेंट गिरते ही पूरे परिसर में चीख-पुकार मच गई और अपनी जान बचाने… pic.twitter.com/53HkJwuBLt — NavBharat Live (@TheNavbharatliv) May 30, 2026
आयोजकों पर कार्रवाई की मांग
हादसे के बाद आयोजन समिति की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे, जिसके चलते ये हादसा हुआ है। लोगों ने आयोजकों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
आयोजन में लापरवाही
बताया जा रहा है कि मौके पर भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल मौजूद नहीं था। साथ ही आपातकालीन निकासी (इमरजेंसी एग्जिट) की समुचित व्यवस्था नहीं थी। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया।
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हादसे के कारणों की जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल और राहत दल मौके पर पहुंच गए। घायलों के उपचार और राहत कार्य जारी हैं। प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है और पंडाल गिरने के पीछे तकनीकी या प्रबंधन संबंधी कारणों का पता लगाया जा रहा है। फिलहाल प्रशासन की ओर से घायलों की आधिकारिक संख्या और हादसे के कारणों को लेकर विस्तृत बयान का इंतजार किया जा रहा है।
