कुएं से मौत को मात देकर बची बाघिन, अब 4 शावकों के साथ वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व आई नजर

MP Tiger News : मध्य प्रदेश में कुएं से रेस्क्यू की गई बाघिन चार शावकों की मां बन गई है। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघिन अपने चार शावकों के साथ कैमरा ट्रैप में कैद हुई।
Rescued tigress with her four cubs in Veerangana Durgavati Tiger Reserve
शावकों के साथ कैमरे में कैद हुई बाघिनफोटो सोर्स- सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

Highlights:

  • कुएं से रेस्क्यू की गई बाघिन बनी चार शावकों की मां।

  • वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में कैमरा ट्रैप में कैद हुई तस्वीर।

  • करीब छह महीने के शावकों का सुरक्षित रहना वन्यजीव संरक्षण के लिए उत्साहजनक।

Veerangana Durgavati Tiger Reserve Tigress : मध्य प्रदेश के जंगलों से वन्यजीव संरक्षण की सुखद तस्वीर सामने आई है। करीब डेढ़ साल पहले कुएं में गिरने के बाद रेस्क्यू की गई बाघिन अब चार शावकों की मां बन चुकी है। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के जंगलों में बाघिन अपने चारों शावकों के साथ स्वतंत्र रूप से घूम रही है।

हाल ही में कैमरा ट्रैप में कैद तस्वीरों में शावक अपनी मां के साथ नजर आए हैं। वन अधिकारियों के मुताबिक, करीब छह महीने के शावकों का सुरक्षित रहना संरक्षण प्रयासों के लिहाज से उत्साहजनक संकेत है।

फरवरी 2025 में कुएं में गिर गई थी बाघिन

यह घटना फरवरी 2025 की है। सिवनी जिले के पेंच टाइगर रिजर्व के बफर जोन में आने वाले हरदोई गांव में करीब तीन साल की बाघिन जंगली सुअर का पीछा करते समय एक गहरे खुले कुएं में गिर गई थी। हादसे के बाद बाघिन और जंगली सुअर दोनों कुएं में फंस गए थे। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

चार घंटे तक चला चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन

बाघिन को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए वन विभाग की टीम को करीब चार घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान हाइड्रोलिक क्रेन और पारंपरिक बुनी हुई खटिया की मदद ली गई। जोखिम भरे अभियान के बाद टीम ने बाघिन को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाल लिया। इस रेस्क्यू के बाद बाघिन को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में नया ठिकाना मिला।

नए जंगल में ढली बाघिन, चार शावकों को दिया जन्म

रेस्क्यू के बाद बाघिन ने नए जंगल के वातावरण के अनुकूल खुद को ढाला। इसके बाद अप्रैल 2026 में उसने चार शावकों को जन्म दिया। हाल ही में सामने आई कैमरा ट्रैप की तस्वीरों में बाघिन अपने चारों शावकों के साथ जंगल में घूमती दिखाई दी। शावकों की मौजूदगी से पता चलता है कि बाघिन नए परिवेश में रह रही है और उसके बच्चे भी जंगल में आगे बढ़ रहे हैं।

छह महीने के शावकों का सुरक्षित रहना अहम

वन अधिकारियों के मुताबिक, शावकों के जीवन के शुरुआती छह महीने सुरक्षित रूप से गुजरना महत्वपूर्ण है। जंगल में इस अवधि के दौरान शावकों का जीवित रहना उनके आगे के विकास और जीवन की संभावनाओं के लिहाज से अहम माना जाता है। कैमरा ट्रैप में चारों शावकों का अपनी मां के साथ नजर आना वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों के लिए उत्साहजनक है।

Rescued tigress with her four cubs in Veerangana Durgavati Tiger Reserve
यतीम बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएगा वक्फ बोर्ड, 289 छात्रों की फीस का होगा भुगतान; सनवर पटेल ने दिया बड़ा बयान

रेस्क्यू से मातृत्व तक, संरक्षण की उम्मीद बनी कहानी

कुएं में गिरने से लेकर चार शावकों की मां बनने तक बाघिन का सफर वन्यजीव संरक्षण और वन विभाग की रेस्क्यू टीम की भूमिका को रेखांकित करता है। करीब डेढ़ साल पहले जिस बाघिन की जान बचाने के लिए चुनौतीपूर्ण अभियान चलाया गया था, वह अब अपने चार शावकों के साथ जंगल में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रही है। उसकी यह तस्वीर मध्य प्रदेश के जंगलों में वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों से जुड़ी उम्मीद जगाती है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com