सागर में आंधी-बारिश से खेत में बिछी मक्का की फसल; किसान ने सर्वे कर मुआवजे की लगाई गुहार

Maize Crop Flattened By Rain Sagar: सागर के गढ़ाकोटा में प्राकृतिक आपदा का कहर, हरदी गांव में तेज आंधी और बारिश से खेतों में खड़ी मक्का की फसल जमीन पर बिछी।
maize crop damaged by storm and rain in Sagar
सागर में आंधी बारिश का कहर(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Sagar Storm Rain Crop Damage: सागर जिले में बीते दिनों हुई तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों पर भी देखने को मिला है। गढ़ाकोटा क्षेत्र के हरदी गांव में तेज हवाओं और बारिश के कारण खेतों में खड़ी मक्का की फसल बिछ गई।

इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। प्रभावित किसान अब फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर नियमानुसार मुआवजा और आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग कर रहे हैं।

करीब 2 एकड़ में खड़ी मक्का की फसल प्रभावित

हरदी गांव निवासी किसान सुशील कुर्मी के मुताबिक, उनके खेत में करीब 2 एकड़ में मक्का की फसल लगी हुई थी। फसल लगभग तैयार होने की कगार पर थी, लेकिन गुरुवार को क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान के साथ हुई बारिश के चलते पूरी फसल खेत में बिछ गई। किसान का कहना है कि फसल को काफी नुकसान हुआ है और प्राकृतिक आपदा के कारण परिवार के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन गई है। गांव के अन्य किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आ रही है।

किसान ने प्रशासन से सर्वे की मांग की

फसल नुकसान के बाद सुशील कुर्मी ने आवेदन देकर जिला प्रशासन से तत्काल मौके पर निरीक्षण कराने की मांग की है। किसान ने कहा कि खेत में पहुंचकर फसल की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए और पंचनामा एवं सर्वे कराया जाए। उन्होंने शासन के नियमानुसार फसल में हुए नुकसान के आधार पर मुआवजा अथवा आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

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पूर्व मंत्री और विधायक समेत अधिकारियों से लगाई गुहार

किसान ने अपनी समस्या को लेकर पूर्व मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक गोपाल भार्गव के साथ ही तहसीलदार, पटवारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है। किसान का कहना है कि फसल तैयार होने से पहले ही प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने के कारण उसकी मेहनत और लागत प्रभावित हुई है। ऐसे में प्रशासन द्वारा जल्द सर्वे कर नुकसान का आकलन किया जाए, ताकि नियमानुसार राहत मिल सके।

अन्य किसानों की फसल को भी नुकसान की बात

हरदी गांव और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तेज हवाओं और बारिश से अन्य किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है। किसानों की मांग है कि प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का निरीक्षण कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन करे और पात्र किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराए।

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