MP News: 3 घंटे की तलाश, लाखों का सामान बरामद; CCTV और सागर पुलिस की सतर्कता से महिला को मिला खोया बैग
Sagar Police Mega Operation: सागर पुलिस ने सीसीटीवी और सोशल मीडिया की मदद से महज 3 घंटे में ऑटो में छूटा जेवर व नगदी से भरा बैग बरामद कर रहली की निधि कुर्मी को सौंपा।
- Written By: सजल रघुवंशी
सागर डीजिटल पुलिसिंग (सोर्स- सोशल मीडिया)
Sagar Lost Gold Bag Recovered: मध्य प्रदेश के सागर जिले में पुलिस की तत्परता, आधुनिक तकनीक और सीसीटीवी निगरानी की मदद से एक महिला का लाखों रुपये मूल्य का खोया सामान महज तीन घंटे के भीतर सुरक्षित बरामद कर लिया गया। ऑटो में छूटे बैग में सोने के जेवर और नकदी रखी हुई थी। पुलिस की सक्रियता के चलते महिला को उसका सामान वापस मिल गया, जिससे परिवार ने राहत की सांस ली।
जानकारी के अनुसार रहली तहसील के ग्राम रजवास निवासी निधि कुर्मी अपने परिवार के साथ सागर बस स्टैंड जाने के लिए परकोटा स्थित एचडीएफसी बैंक के पास एक ऑटो में सवार हुई थीं। कुछ दूरी तय करने के बाद परिवार ने पैदल बस स्टैंड जाने का निर्णय लिया और जल्दबाजी में ऑटो से उतर गया। इसी दौरान उनका बैग ऑटो में ही छूट गया। बाद में जब बैग गायब होने का पता चला तो परिवार के होश उड़ गए। बैग में करीब 54 हजार रुपये की सोने की अंगूठी, 46 हजार रुपये के सोने के कान के आभूषण और लगभग 4 हजार रुपये नकद रखे हुए थे।
पुलिस कंट्रोल रूम और सीसीटीवी टीम हुई सक्रिय
महिला ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवार को पुलिस कंट्रोल रूम भेजा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिन्हा के निर्देश पर कंट्रोल रूम प्रभारी उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान के नेतृत्व में सीसीटीवी टीम ने जांच शुरू की। आरक्षक रूद्रेश और नितेश ने शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू किया और लगातार तीन घंटे तक जांच जारी रखी।
सम्बंधित ख़बरें
इंदौर एयरपोर्ट विस्तार को लेकर पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
दिल्ली से लौटते ही बदले नरोत्तम मिश्रा के तेवर, प्रचार में विरोधियों और SP को दी खुली चेतावनी; देखें VIDEO
शराबी पिता करता था नाबालिग से अश्लील हरकतें, परेशान बेटी ने छोड़ा घर; एक हफ्ते रेलवे स्टेशन पर बिताईं रातें
नौकरी के नाम पर युवतियों को बंधक बनाने का आरोप, नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी पर इंदौर में जांच तेज
अधूरे नंबर से खोजा गया ऑटो
जांच के दौरान पुलिस को ऑटो के कुछ फुटेज तो मिले लेकिन वाहन का पूरा नंबर स्पष्ट नहीं दिखाई दिया। केवल अंतिम चार अंक ही नजर आ रहे थे। इसके बावजूद पुलिस टीम ने स्मार्ट सिटी कैमरों और अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद से वाहन की पहचान करने का प्रयास जारी रखा। जब तकनीकी स्तर पर पूरी जानकारी नहीं मिल सकी, तब ऑटो की तस्वीर और उपलब्ध विवरण पुलिस, मीडिया और सोशल मीडिया ग्रुपों में साझा किए गए।
यह भी पढ़ें: ट्विशा शर्मा केस: गवाह के साथ कथित मारपीट और बयान बदलने के दबाव; CBI जांच के बीच बढ़ी सुरक्षा की मांग
चालक ने खुद पहुंचाकर लौटाया बैग
पुलिस की सक्रियता का असर जल्द ही दिखाई दिया। रात करीब 12 बजे संबंधित ऑटो चालक स्वयं पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचा और बैग पुलिस को सौंप दिया। जांच में बैग के भीतर रखे सभी जेवर और नकदी सुरक्षित पाए गए। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बैग निधि कुर्मी को सौंप दिया गया।
यह भी पढ़ें: ट्विशा शर्मा केस: गवाह के साथ कथित मारपीट और बयान बदलने के दबाव; CBI जांच के बीच बढ़ी सुरक्षा की मांग
अपना कीमती सामान वापस मिलने पर महिला और उनके परिजनों ने सागर पुलिस, कंट्रोल रूम और सीसीटीवी टीम का आभार व्यक्त किया। यह घटना दर्शाती है कि तकनीक, पुलिस की तत्परता और जनसहयोग के समन्वय से बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान कम समय में संभव है।
