सागर: मां समेत तीन बेटों को आजीवन कारावास, दादी फरार; परिवार के ही युवक का हुआ था मर्डर
Sagar Life Imprisonment Case: सागर के मालथौन मर्डरकांड में अदालत का बड़ा फैसला, नीमखेड़ा गांव में चचेरे भाई की बेरहमी से हत्या करने वाली चाची और 3 बेटों को आजीवन कारावास।
- Reported By: सरजू पटेल | Edited By: सजल रघुवंशी
मालथौन मर्डरकांड में न्यायालय का बड़ा फैसला (सोर्स- सोशल मीडिया)
Sagar Murder Case Big Verdict: सागर जिले के मालथौन थाना क्षेत्र में करीब नौ महीने पहले अपनों ने अपनों का खून बहाया था। एक ही परिवार के लोगों में ऐसा विवाद हुआ था की युवक का सनसनीखेज मर्डर किया गया था। इस मामले में अब अदालत में बड़ा फैसला सुनाया है। माँ समेत तीन बेटों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी है जबकि एक अपचारी का किशोर न्यायालय में मामला विचाराधीन है।
यह पूरी घटना खुरई के मालथौन थाना अंतर्गत नीमखेड़ा गांव की। जहां नौ महीने पहले हुए मर्डरकांड मामले में खुरई के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश शोएब खान की कोर्ट ने मां समेत 3 बेटों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपी पक्ष मृतक के चचेरे भाई और चाची हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फैसला सुनाया गया।
आरोपी और मृतक एक ही परिवार से रखते हैं तालुख
शासकीय अभियोजक बलबीर सिंह से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी और मृतक एक ही खानदान के हैं। दरअसल सुरेन्द्र दांगी की पत्नि के भागने की शंका वह अपने ताऊ के बेटे शुभम पर करता था। जिसको लेकर रंजिश थी। 14 अक्टूबर 2025 की रात जब मृतक शुभम खाद की बोरी के पैसे देकर लौट रहा था। तभी रास्ते में उसके चचेरे भाई सुरेन्द्र दांगी, आशीष दांगी, राजीव दांगी, एक अपचारी भाई और चाची शारदा बाई दांगी, राजीव की दादी लच्छी बाई ने एक राय होकर लाठी डंडों, धारदार हथियार, कुल्हाड़ी और देशी कट्टे से हमला किया था।
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न्यायालय ने मर्डर के आरोपियों को सुनाई आजीवन करावास की सजा
बताया गया की सुरेन्द्र ने शुभम को दो गोली मारी, किसी ने कुल्हाड़ी, तो किसी ने कतरना से हमला किया था। इस हमले में शुभम ने दम तोड़ दिया था। वहीं गर्दन पर धारदार हथियार से हुए हमले में गर्दन लगभग अलग हो गई थी। इस दौरान बचाने आए उसके भाई रनवीर को भी मारकर घायल कर दिया था।
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घायल रणवीर ने थाने में रिपोर्ट लिखवाई थी। जिला न्यायालय ने मर्डर का दोषी मानते हुए सुरेन्द्र, आशीष,राजीव और उसकी मां शारदा बाई को आजीवन करावास की सजा सुनाई। अपचारी बालक का किशोर न्यायालय में मामला चल रहा है। जबकि दादी लच्छी बाई फरार है। फैसले के समय आरोपी खुरई उपजेल में बंद हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसका फैसला सुनाया गया।
