जीतू पटवारी को गोपाल भार्गव का जवाब, बोले- तथ्यों की पुष्टि करें, प्रायोजित वीडियो के आधार पर राजनीति न करें

MP Politics News : गोपाल भार्गव ने जीतू पटवारी की फेसबुक पोस्ट पर जवाब देते हुए कोपरा नदी के पुल निर्माण और विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने विपक्ष से तथ्य जांचकर टिप्पणी करने की सलाह दी।
Gopal Bhargava Jitu Patwari Facebook Reply
गोपाल भार्गव का जीतू पटवारी को जवाब (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Gopal Bhargava Facebook Post: सागर जिले के रहली विधानसभा क्षेत्र के बेरखेरी कलां में कोपरा नदी पार करती स्कूली छात्राओं का वायरल वीडियो अब प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस वीडियो के जरिए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर निशाना साधा, तो वहीं रहली से नौ बार के विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने इसे क्षेत्र को बदनाम करने की साजिश बताते हुए तीखा पलटवार किया है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ छात्राएं ग्रामीणों के सहारे पानी के बीच क्षतिग्रस्त मार्ग पार करती दिखाई दे रही हैं। इस वीडियो को साझा करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार के विकास दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि सत्ता में बैठे लोग जमीनी हकीकत देखेंगे तो उन्हें विकास की वास्तविक तस्वीर नजर आएगी। उन्होंने दावा किया कि बेरखेरी कलां की छात्राएं रोज अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर हैं।

पटवारी को भार्गव का जवाब

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी की एक फेसबुक पोस्ट पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया देते हुए विस्तृत जवाब दिया है। भार्गव ने अपने आधिकारिक फेसबुक पोस्ट में कहा कि पटवारी ने उनके विधानसभा क्षेत्र की कोपरा नदी से स्कूली बच्चियों के गुजरने का जो वीडियो साझा किया है, वह वास्तविक स्थिति को पूरी तरह नहीं दर्शाता। उन्होंने विपक्ष के नेता होने के नाते तथ्यों की पुष्टि करने की सलाह भी दी।

'2023 में स्वीकृत किया था हाई लेवल ब्रिज'

गोपाल भार्गव ने लिखा कि रहली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बेरखेरी कलां और छुल्ला के बीच कोपरा नदी पर जून 2023 में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से 100 मीटर लंबा चार स्पान वाला उच्च स्तरीय पुल स्वीकृत किया गया था। उन्होंने बताया कि किसान की आपत्ति के कारण मामला न्यायालय में लंबित था, जिसे अब सुलझा लिया गया है और पुल का निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माणाधीन पुल के अलावा वहां पहले से उनके कार्यकाल में बनाया गया एक छोटा पुल भी है, जिसका एक हिस्सा बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हुआ था। फिलहाल उसकी गैप फिलिंग कर वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था कर दी गई है।

'आसपास पहले से बने हैं तीन अन्य पुल'

पूर्व मंत्री ने दावा किया कि इसी कोपरा नदी पर आसपास के महेशा, पिपरिया अहीर और वादीपुरा गांवों में पहले ही तीन उच्च स्तरीय पुल बनाए जा चुके हैं। उनके अनुसार इन पुलों का उपयोग कर छात्राएं स्कूल जा सकती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चियों को नदी में उतरकर पार कराते हुए जो वीडियो बनाया गया, वह क्षेत्र को बदनाम करने के उद्देश्य से तैयार किया गया प्रतीत होता है।

'प्रश्न उठाने से पहले तथ्य जांचें'

गोपाल भार्गव ने जीतू पटवारी को संबोधित करते हुए लिखा कि विपक्ष का काम सरकार की कमियां उजागर करना है, लेकिन किसी भी विषय को उठाने से पहले तथ्यों की पूरी जानकारी लेना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब वे विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे, तब किसी भी मुद्दे को उठाने से पहले उसकी प्रमाणिक जानकारी जुटाते थे। उन्होंने सुझाव दिया कि निराधार सूचनाओं और कथित पीत पत्रकारिता पर आधारित सामग्री साझा करने से पहले उसकी पुष्टि कर लेनी चाहिए।

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अपने विकास कार्यों का भी किया उल्लेख

पोस्ट में गोपाल भार्गव ने अपने विधानसभा क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उनके क्षेत्र में नदियों पर बड़ी संख्या में पुलों का निर्माण कराया गया है। उन्होंने रहली-गढ़ाकोटा मार्ग पर सुनार नदी पर बने कई पुलों, चौरई गांव में एक परिवार की सुविधा के लिए बनाए गए पुल, रहली के अटल सेतु और रानगिर में निर्माणाधीन झूला पुल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा विकास और सेवा की राजनीति की है।

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