सीहोर में शासकीय भूमि पर अवैध दीवार का निर्माण रुका, तहसीलदार ने दी सख्त चेतावनी; जानें पूरा मामला

Government Land Construction Sehore: एमपी के सीहोर में बड़ी कार्रवाई, सैकड़ाखेड़ी रोड पर सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण रुका, आश्रम संचालक पर लगे प्लॉट बेचने के आरोप, तहसीलदार ने दी ढहाने की चेतावनी।
Illegal wall construction on government land stopped in Sehore
सीहोर में सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Sehore Land Encroachment: सीहोर जिला मुख्यालय के समीप सैकड़ाखेड़ी रोड पर शासकीय भूमि पर किए जा रहे कथित अवैध निर्माण और अतिक्रमण के प्रयास पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया।

सूचना मिलने के बाद तहसीलदार अमित सिंह राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। जांच के दौरान निर्माण कार्य से संबंधित वैध अनुमति और दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए निर्माण कार्य बंद करा दिया।

बिना अनुमति निर्माण का आरोप

प्रशासन को सूचना मिली थी कि सैकड़ाखेड़ी रोड स्थित शासकीय भूमि पर बिना अनुमति के रिटेनिंग वॉल (दीवार) का निर्माण किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर तहसीलदार अमित सिंह ने राजस्व अमले के साथ मौके का निरीक्षण किया। जांच के दौरान निर्माण कार्य करवा रहे पक्ष से आवश्यक अनुमति और स्वामित्व संबंधी दस्तावेज मांगे गए, लेकिन कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद प्रशासन ने निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया।

सीलिंग की जमीन पर कब्जे और प्लॉट बिक्री के आरोप

स्थानीय स्तर पर यह भी शिकायतें सामने आई हैं कि क्षेत्र में सीलिंग की जमीन पर अवैध रूप से मकान बनाए जा रहे हैं। वहीं महाकाल माधव आश्रम के संचालक मोहितराम पाठक पर शासकीय भूमि को घेरकर भूखंड बेचने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की प्रशासनिक जांच जारी है। मामले को लेकर राजस्व विभाग ने संबंधित पक्षों से दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा है, ताकि भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

दस्तावेज नहीं मिले तो ढहाए जाएंगे अवैध निर्माण

मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार अमित सिंह ने स्पष्ट किया कि शासकीय भूमि पर बिना अनुमति निर्माण की सूचना मिलने पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल निर्माण कार्य पर रोक लगाकर स्थगन आदेश जारी करने की प्रक्रिया की जा रही है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित पक्ष वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, तो शासकीय भूमि पर किए गए अवैध निर्माणों को हटाने और ध्वस्तीकरण की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

आश्रम संचालक ने आरोपों को बताया निराधार

वहीं महाकाल माधव आश्रम के संस्थापक सदस्य पंडित मोहितराम पाठक ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि परिसर में कोई नया निर्माण नहीं किया जा रहा, बल्कि पहले से मौजूद सीमेंट खंभों वाली बाउंड्री को चद्दर की बाउंड्री में बदला जा रहा है। उन्होंने भूखंड बेचने के आरोपों से भी इनकार किया और कहा कि वर्ष 2002 से यहां श्री राम गौशाला संचालित है, जहां दुर्घटनाग्रस्त और बीमार गोवंश की सेवा की जाती है। गौशाला की सुरक्षा और गोवंश संरक्षण के उद्देश्य से सीमांकन कार्य किया जा रहा है तथा सेवा कार्य लगातार जारी रहेगा।

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