रीवा: कल्पना मिश्रा को न्याय दिलाने के लिए जल सत्याग्रह शुरू, अब तक FIR नहीं, 13 दिन से आमरण अनशन पर है पिता

Rewa Sanjay Gandhi Hospital News : रीवा में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की मौत के 18 दिन बाद भी FIR नहीं हुई। पिता 13 दिन से आमरण अनशन पर हैं, प्रदर्शनकारियों ने जल सत्याग्रह शुरू किया।
Protesters staging a water satyagraha in Rewa
कल्पना मिश्रा को न्याय दिलाने के लिए जल सत्याग्रहफोटो सोर्स- नवभारत
Published on
Updated on

Rewa Kalpana Mishra Death Case : रीवा के संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना को 18 दिन बीतने के बाद भी जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होने से परिजनों और समर्थकों में नाराजगी है। न्याय की मांग को लेकर कल्पना के पिता पिछले 13 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं।

धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों ने जल सत्याग्रह शुरू कर आंदोलन को और तेज कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक कल्पना मिश्रा और उनके नवजात को न्याय नहीं मिलता और जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

कार्रवाई में देरी पर सवाल

संजय गांधी अस्पताल में हुई इस घटना को लेकर प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन से मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि घटना के 18 दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है। वहीं, लगातार 13 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे कल्पना के पिता की स्थिति को लेकर भी समर्थकों में चिंता बनी हुई है।

सरकार के खिलाफ नारेबाजी

जल सत्याग्रह के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और जिम्मेदार डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु को न्याय दिलाने के लिए है।

आमरण अनशन के बीच प्रशासन पर दबाव

कल्पना के पिता का आमरण अनशन 13वें दिन भी जारी है। समर्थकों का कहना है कि लगातार अनशन के बावजूद प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। अब जल सत्याग्रह शुरू होने के बाद प्रशासन पर इस मामले में जल्द निर्णय लेने का दबाव बढ़ गया है।

Protesters staging a water satyagraha in Rewa
सागर शराबकांड: BMC में मरीजों से मिले मंत्री गोविंद राजपूत, 3 मरीज AIIMS भोपाल भेजे, 3 दिन में मुआवजे का ऐलान

अब प्रशासन के कदम पर नजर

कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की मौत के मामले में प्रदर्शनकारी एफआईआर और दोषियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। 13 दिनों से जारी आमरण अनशन और जल सत्याग्रह के बाद अब निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com