रीवा में चला प्रशासन का बुलडोजर: सरकारी जमीन पर संचालित 2 मैरिज गार्डन ध्वस्त, 250 करोड़ की भूमि कब्जामुक्त
Marriage Garden Encroachment : रीवा में सरकारी जमीन पर प्रशासन का बुलडोजर चला। जेल मार्ग स्थित दो मैरिज गार्डन हटाकर करीब 250 करोड़ रुपये की शासकीय भूमि कब्जामुक्त कराई गई।
- Reported By: अर्पित पाण्डेय | Edited By: प्रीतेश जैन
सरकारी जमीन से हटा कब्जा (फोटो सोर्स- नवभारत)
Rewa Bulldozer Action: रीवा में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि जिला प्रशासन अब ऐसे कब्जों के खिलाफ पूरी सख्ती के साथ अभियान चला रहा है। शहर की सड़कों को चौड़ा करने और शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के उद्देश्य से पहले अमहिया मार्ग पर अतिक्रमण हटाया गया और अब कार्रवाई जेल मार्ग तक पहुंच गई है।
नगर निगम क्षेत्र के धोबिया टंकी के समीप अनाथालय से लगी शासकीय भूमि पर वर्षों से संचालित दो मैरिज गार्डनों पर प्रशासन का बुलडोजर चला। नगर निगम, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब 250 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया।
निगम आयुक्त के आदेश पर कार्रवाई
नगर निगम आयुक्त के निर्देशानुसार जेल मार्ग स्थित धोबिया टंकी के पास शासकीय भूमि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई से पहले राजस्व विभाग ने भूमि का सीमांकन कराया, जिसमें स्पष्ट हुआ कि सरकारी जमीन पर उत्सव मैरिज गार्डन और विंध्य मैरिज गार्डन का संचालन किया जा रहा था। इसके बाद नगर निगम, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।
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लीज खत्म होने के बाद भी खाली नहीं की जमीन
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार संबंधित भूमि पूर्व में लीज पर दी गई थी, लेकिन लीज की अवधि समाप्त होने के बाद न तो उसका नवीनीकरण कराया गया और न ही शासकीय भूमि को खाली किया गया। इसके बावजूद वर्षों तक वहां मैरिज गार्डन का संचालन होता रहा। प्रशासन ने इसे शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा मानते हुए बुलडोजर और अन्य मशीनों की सहायता से दोनों मैरिज गार्डनों के अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया और सरकारी जमीन को कब्जामुक्त करा लिया।
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आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। अधिकारियों का कहना है कि पूरी कार्रवाई सीमांकन और राजस्व अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार की गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर किसी भी प्रकार का व्यवसाय संचालित करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
