

CM Mohan Yadav Pandhurna Visit : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को पांढुर्णा पहुंचे, जहां उन्होंने जिला विकास समिति की बैठक लेकर जिले में चल रहे विकास कार्यों और योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कम बारिश की स्थिति को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से जिले में वर्षा और जल उपलब्धता की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कम बारिश वाले क्षेत्रों में किसानों की फसलों का सर्वे कराने और जरूरत के मुताबिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, वहां कलेक्टर किसानों की फसलों का सर्वे कराएं। इससे फसल नुकसान की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी। उन्होंने कलेक्टर और कमिश्नर को कम वर्षा की स्थिति का आकलन तैयार कर प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पांढुर्णा जिला मध्य प्रदेश का 55वां जिला है। वर्ष 2023 में जिले की घोषणा के बाद से सरकार लगातार विकास के लिए पर्याप्त धनराशि, जिला कार्यालयों और आवश्यक पदों की स्वीकृति दे रही है। उन्होंने कहा कि पांढुर्णा के विकास में सरकार किसी तरह की कमी नहीं आने देगी और क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार और विकास के लिए सरकार के खजाने में कोई कमी नहीं है। युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने और आमजन को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के साथ फूड इंडस्ट्री, दूध प्रोसेसिंग और सहकारी दुग्ध समितियों को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ाने और पशुपालन को प्रोत्साहन देने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश वर्तमान में देश में तीसरे नंबर पर दुग्ध उत्पादन करता है और सरकार का लक्ष्य प्रदेश को देश का नंबर-वन दुग्ध उत्पादक राज्य बनाना है।
पांढुर्णा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बच्चों और बुजुर्गों से संवाद भी किया और उनका सम्मान किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर क्षेत्र में विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए।