नर्मदापुरम: SPM में तीन यूनियन पदाधिकारियों का निलंबन, विरोध में दूसरे दिन भी कर्मचारियों ने दिया धरना
SPM Employees Strike: नर्मदापुरम के प्रतिभूति कागज कारखाना में तीन यूनियन पदाधिकारियों के निलंबन के विरोध में कर्मचारियों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। यूनियन ने निलंबन वापस लेने की मांग की है।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
प्रदर्शन करते कर्मचारी (फोटो सोर्स- नवभारत)
Narmadapuram SPM Employees Protest: देश की करेंसी छापने के लिए उपयोग होने वाले कागज का उत्पादन करने वाले नर्मदापुरम स्थित प्रतिभूति कागज कारखाना (एसपीएम) में तीन यूनियन पदाधिकारियों के निलंबन के विरोध में कर्मचारियों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारी यूनियन के बैनर तले मिल गेट पर प्रदर्शन कर रहे हैं और प्रबंधन से निलंबन आदेश वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
यूनियन का आरोप है कि वरिष्ठ उपाध्यक्ष राघवेंद्र गौर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन चौधरी और उपाध्यक्ष खुमान सिंह को बिना पूर्व सूचना, स्पष्टीकरण और निष्पक्ष जांच प्रक्रिया पूरी किए निलंबित कर दिया गया। कर्मचारियों का कहना है कि यदि प्रबंधन ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों ने भविष्य में काम बंद करने की भी चेतावनी दी है, जिससे करेंसी पेपर उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
क्या है पूरा मामला ?
धरना प्रदर्शन कर रहे यूनियन पदाधिकारी राघवेंद्र गौर के अनुसार, 29 मई को यूनियन के महामंत्री संजय उपाध्याय ने यूनियन कार्यालय के इंटरकॉम फोन से कर्मचारी नीरज पटेरिया से संपर्क करने का प्रयास किया था। इस दौरान नंबर डायल करते समय एक अंक गलत दब जाने से कॉल गेस्ट हाउस में ठहरे डिप्टी मैनेजर अजय गुप्ता के पास पहुंच गई।
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अभद्रता के बाद दोनों पक्षों में विवाद
यूनियन का आरोप है कि बातचीत के दौरान डिप्टी मैनेजर ने अभद्र व्यवहार किया और फोन काट दिया। बाद में दोबारा संपर्क कर अपनी पहचान बताई गई, लेकिन कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। इसके बाद यूनियन पदाधिकारी मामले की जानकारी लेने डिप्टी मैनेजर से मिलने पहुंचे, जहां दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया।
मारपीट और धक्का-मुक्की का आरोप
यूनियन नेताओं का आरोप है कि विवाद के दौरान पवन चौधरी के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई, जिससे उन्हें चोट भी आई। घटना की जानकारी प्रबंधन को दी गई, लेकिन कार्रवाई डिप्टी मैनेजर के खिलाफ करने के बजाय तीन यूनियन पदाधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि बिना निष्पक्ष जांच के की गई कार्रवाई से कर्मचारियों में भारी असंतोष है। इसी के विरोध में कर्मचारी लगातार धरना दे रहे हैं।
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आंदोलन तेज करने की चेतावनी
यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि निलंबन आदेश वापस नहीं लिया गया और मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। फिलहाल उत्पादन कार्य प्रभावित नहीं हुआ है, लेकिन कर्मचारियों ने भविष्य में काम बंद करने की चेतावनी दी है। यूनियन और प्रबंधन के बीच गतिरोध जारी है, जबकि कर्मचारी प्रबंधन से जल्द बातचीत कर समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं।
