नर्मदापुरम में शुरू होने का इंतजार कर रहे मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक, डॉक्टर और स्टाफ की कमी बनी बाधा
Narmadapuram Health News : नर्मदापुरम में लाखों रुपये की लागत से बने मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक भवन तैयार होने के बावजूद शुरू नहीं हो सके हैं। ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल रही है।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
बंद पड़े क्लिनिक (फोटो सोर्स- नवभारत)
Narmadapuram Sanjeevani Clinic: नर्मदापुरम में लोगों को घर के नजदीक प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक अब भी शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। लाखों रुपये की लागत से तैयार किए गए क्लिनिक भवन स्वास्थ्य विभाग को सौंपे जा चुके हैं, लेकिन डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की कमी के कारण इनका संचालन शुरू नहीं हो सका है। इसका खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
नगर पालिका द्वारा शहर के हाउसिंग बोर्ड, ग्वालटोली, प्रताप नगर, दशहरा मैदान, भीलपुरा और मालाखेड़ी क्षेत्रों में मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक का निर्माण कराया गया है। इनमें से तीन क्लिनिक भवन पूरी तरह तैयार होकर स्वास्थ्य विभाग को सौंपे जा चुके हैं। एक भवन हैंडओवर की प्रक्रिया में है, जबकि दो अन्य का निर्माण कार्य अभी जारी है।
डॉक्टर और स्टाफ उपलब्ध नहीं
नियमों के अनुसार क्लिनिक संचालन की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होती है, लेकिन पर्याप्त डॉक्टर और स्टाफ उपलब्ध नहीं होने से व्यवस्था शुरू नहीं हो पा रही है। तैयार भवनों में हाउसिंग बोर्ड, दशहरा मैदान और प्रताप नगर स्थित क्लिनिक सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। लंबे समय से बंद पड़े रहने के कारण कई स्थानों पर झाड़ियां उग आई हैं, जबकि कुछ भवनों में रखरखाव के अभाव में नुकसान के निशान भी दिखाई देने लगे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
भोपाल ATS का बड़ा एक्शन: 5 राज्यों में फैले संदिग्ध आतंकी नेटवर्क का खुलासा, 6 आरोपी गिरफ्तार
कैंसर दवाओं की बढ़ी कीमतों पर उमंग सिंघार का केंद्र सरकार पर निशाना, आयुष्मान योजना की सीमा बढ़ाने की मांग
NEET UG 2026: भोपाल में परीक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट, छात्रों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी और हेल्पलाइन नंबर जारी
मध्य प्रदेश में मितव्ययिता की नई नीति, अफसरों की यात्राओं और खर्चों पर सरकार ने दिखाई सख्ती
केंद्रों को जल्द से जल्द शुरू करने की मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि ये मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक शुरू हो जाएं तो आसपास के हजारों लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से मिल सकेंगी और जिला अस्पतालों पर भी दबाव कम होगा। लोगों ने जल्द से जल्द इन केंद्रों को शुरू करने की मांग की है।
ये भी पढे़ं : भोपाल ATS का बड़ा एक्शन: 5 राज्यों में फैले संदिग्ध आतंकी नेटवर्क का खुलासा, 6 आरोपी गिरफ्तार
स्वास्थ्य अधिकारियों का जवाब
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि क्लिनिक संचालन के लिए आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालय को भेजा जा चुका है। पद स्वीकृत होने और स्टाफ की नियुक्ति के बाद इन क्लिनिकों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल करोड़ों की स्वास्थ्य परियोजना का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है और तैयार भवन उद्घाटन एवं संचालन का इंतजार कर रहे हैं।
