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नवभारत डेस्क : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को सीएम हाउस के समत्व भवन से ई-ऑफिस कार्यान्वयन प्रणाली का उद्घाटन किया और कहा कि राज्य सरकार ने डिजिटलीकरण को अपनाकर सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्य सचिव कार्यालय दोनों में ई-ऑफिस प्रणाली का आधिकारिक रूप से शुभारंभ किया गया। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि राज्य सरकार राज्य में गरीबों, महिलाओं, किसानों और युवाओं को लाभान्वित करने के उद्देश्य से विभिन्न लोक कल्याण कार्यक्रमों को बढ़ाने के लिए डिजिटलीकरण को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीएम यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश ने डिजिटलीकरण को अपनाकर सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार का लक्ष्य अपनी सभी प्रणालियों को ऑनलाइन करना, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की सुविधा प्रदान करना, अंतर्विभागीय समन्वय में सुधार करना और जन कल्याणकारी पहलों में तेजी लाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शासन में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए आज के दौर में डिजिटलीकरण को जरूरी मानते हैं।
दरअसल, ई-ऑफिस को सरल और आसान भाषा में समझे तो यह इलेकट्रॉनिक ऑफिस है। मतलब साफ है कि ऑफिस के काम को करने के लिए इलेत्ट्रॉनिक मीडियम का यूज किया जाएगा। इसको ऐसे समझिए कि जिस काम को करने के लिए आपको पहले ऑफिस जाकर फॉर्म की हार्ड कॉपी भरनी पड़ती थी। अब आप उसी काम को ई-ऑफिस प्रणाली के तह घर बैठे इंटरनेट के सहारे कर पाएंगे। इसके लिए आपको ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ई-ऑफिस प्रणाली के तहत ऑफिस के लगभग हर एक काम को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के जरिए किया जाने लगेगा। इसका फायदा यह होगा कि जिस काम को करने के लिए पहले कई दिन लग जाते थे, अब उसी काम को आप घर बैठे कुछ ही समय में कर पएंगे।
डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का अभिन्न अंग होने के नाते ई-ऑफिस सरकारी कार्यालयों में सरलीकृत, उत्तरदायी, प्रभावी, जवाबदेह और पारदर्शी कामकाज हासिल करने का माध्यम है। ई-ऑफिस की गति और दक्षता न केवल विभागों को सूचित और त्वरित निर्णय लेने में सहायता करती है बल्कि उन्हें कागज रहित भी बनाती है।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार गरीबों, महिलाओं, किसानों और युवाओं को लाभान्वित करने के उद्देश्य से विभिन्न लोक कल्याण कार्यक्रमों को बढ़ाने के लिए डिजिटलीकरण को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। सीएम यादव ने आगे उम्मीद जताई कि ई-ऑफिस प्रणाली आम जनता को राहत प्रदान करेगी। 1 जनवरी, 2025 से सभी विभागीय फाइलों को पारंपरिक फाइल सिस्टम की जगह ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से डिजिटल रूप से प्रबंधित किया जाएगा।
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सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, सीएम यादव ने लिखा मध्य प्रदेश सुशासन की राह पर आगे बढ़ रहा है। आज, मैंने सीएम हाउस के समता भवन से ई-ऑफिस कार्यान्वयन प्रणाली का उद्घाटन किया। इस कदम की शुरुआत राज्य में सुशासन की दिशा में अभूतपूर्व और प्रभावी प्रगति का प्रतीक है। इस परियोजना के तहत पारदर्शिता, तत्परता और जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।”