मजबूत कब्जाधारी, सोता प्रशासन…मुरैना में दबंगों के डर से कच्चा रास्ता इस्तेमाल करने को मजबूर ग्रामीण- VIDEO

Morena Rural Road Encroachment: मुरैना के अंबाह में दबंगई का खौफनाक मंजर! मुख्य रास्ता बंद होने से कीचड़ में खटिया पर 2 किमी मरीज ढोने को मजबूर हुए ग्रामीण।
Villagers forced to use makeshift road due to alleged encroachment in Morena
मुरैना में गहरी नींद में सो रहा प्रशासन(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Rural Road Blocked By Illegal Encroachment: मुरैना के अंबाह इलाके में आम रास्ते पर दबंग के कब्जे ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चतुर सिंह की हवेली गांव में मुख्य रास्ता बंद होने के कारण ग्रामीणों को कीचड़ भरे कच्चे रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है।

हालात इतने खराब हैं कि बीमारों को खटिया पर लिटाकर करीब दो किलोमीटर तक पैदल ले जाना पड़ रहा है, तब कहीं जाकर उन्हें एंबुलेंस तक पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों ने जनसुनवाई में भी शिकायत की, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।

चुतर सिंह की हवेली गांव का है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार मामला अंबाह की रूअर ग्राम पंचायत के चतुर सिंह की हवेली गांव का है। करीब 150 से ज्यादा आबादी वाले इस गांव में आने-जाने के लिए अंबाह की मुख्य सड़क से जुड़ा एक आम रास्ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस रास्ते पर गांव के दबंग ने कब्जा कर लिया है। ग्रामीणों के मुताबिक सरकारी रिकॉर्ड में यह रास्ता खसरा नंबर 3098 में दर्ज है, लेकिन इसके बावजूद आम रास्ते को निजी जमीन बताकर लोगों को निकलने से रोका जा रहा है। आरोप है कि रास्ते से निकलने पर ग्रामीणों को धमकी भी दी जाती है।

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कच्चा रास्ता इस्तमाल करने को मजबूर ग्रामीण

विवाद से बचने के लिए ग्रामीण दूसरे कच्चे रास्ते से आवाजाही कर रहे थे, लेकिन बारिश के बाद यह रास्ता कीचड़ से पूरी तरह भर गया है। इससे बच्चों का स्कूल जाना और महिलाओं व बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बीते रोज गांव के बुजुर्ग फुंदी सिंह तोमर की तबीयत बिगड़ने पर ग्रामीणों को उन्हें खटिया पर लिटाकर करीब दो किलोमीटर तक कीचड़ भरे रास्ते से पैदल ले जाना पड़ा। मुख्य सड़क तक पहुंचने के बाद ही उन्हें एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया जा सका।

जनसुनवाई में भी कर चुके हैं ग्रामीण शिकायत

ग्रामीण मयंक स्वामी, ओमप्रकाश शर्मा और सुनील तोमर सहित अन्य लोगों का कहना है कि रास्ते की समस्या को लेकर मंगलवार को जनसुनवाई में शिकायत की गई थी। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि प्रशासन जल्द कार्रवाई कर रास्ता खुलवाएगा, लेकिन शिकायत के बाद भी अब तक समस्या जस की तस बनी हुई है। अब ग्रामीण जिला प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज आम रास्ते को कब्जे से मुक्त कराया जाए, ताकि गांव के लोगों को बारिश के मौसम में इस परेशानी से निजात मिल सके और बीमारों को अस्पताल पहुंचाने के लिए खटिया के सहारे कीचड़ में सफर न करना पड़े।

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