

Morena Fake Sufi Saint Fraud : मुरैना में बीमारी ठीक करने का झांसा देकर सास-बहू से करीब छह लाख रुपये के सोने के गहने ठगने वाले आरोपी को कोतवाली पुलिस ने चार साल बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को सूफी संत बताकर महिलाओं को अपनी बातों में फंसाया था। इलाज के नाम पर उनसे गहने उतरवाकर एक मटकी में रखवाए और करीब दो घंटे बाद मटकी खोलने की बात कही।
मामला शहर की दुर्गापुरी कॉलोनी का है। साल 2022 में हबीब खान ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। घटना के समय हबीब अपने बड़े भाई के निधन के कारण जौरा गया हुआ था। घर पर उसकी पत्नी अकीला बेगम और पुत्रवधू मौजूद थीं। इसी दौरान दो लोग घर पहुंचे और खुद को सूफी संत बताकर अकीला की पेट की गांठ का इलाज करने का दावा किया।
आरोपियों ने सास-बहू को झांसे में लेकर उनके सोने के गहने उतरवाए और एक मटकी में रखवा दिए। इसके बाद मटकी बंद कर दी गई और दो घंटे बाद खोलने को कहा गया। इसी दौरान दोनों महिलाओं को पानी पिलाया गया। पानी पीने के बाद दोनों बेहोश हो गईं। जब करीब दो घंटे बाद उन्हें होश आया और मटकी खोली तो उसमें सोने के गहनों की जगह सिर्फ कंकड़ मिले।
आरोपी आठ बालियां, चार बाला, चार अंगूठियां और दो मंगलसूत्र समेत करीब छह लाख रुपये के सोने के गहने और 10 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए थे। पुलिस चार साल से आरोपियों की तलाश कर रही थी, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका था।
रविवार को ग्वालियर के गोल पहाड़िया इलाके में हबीब खान के परिचित आजाद खान की नजर एक व्यक्ति पर पड़ी। वह व्यक्ति राशि के नग बेचने आया था। आजाद खान ने उसे पहचान लिया और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के भोपा थाना क्षेत्र के मोरना गांव निवासी समीर पठान के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से 28 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पूछताछ में सामने आया कि ठगी किए गए सोने के गहने वह बेच चुका है। आरोपी जिस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करता था, उसकी सिम दतिया में फर्जी नाम-पते पर ली गई थी। सुराग नहीं मिलने के कारण पुलिस ने केस में खात्मा लगाने की फाइल भी तैयार कर ली थी, जिसे दो बार एसपी कार्यालय से कमियां बताकर वापस किया गया था।
मुरैना पुलिस की पूछताछ में आरोपी के साथी मेहबूब खान का नाम भी सामने आया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। साथ ही ठगी के गहने किसे और कहां बेचे गए, इसका पता लगाया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि गहनों के खरीदारों तक पहुंचने पर ठगी के माल की बरामदगी हो सकती है। शहर कोतवाली एसआई पवन भदौरिया ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर था और फर्जी सिम का इस्तेमाल करता था। मुखबिर की सूचना पर उसकी गिरफ्तारी हुई है और उसके साथी की तलाश जारी है।