Highlights :
मुरैना के पोरसा क्षेत्र के धोरोटा गांव में हनुमान मंदिर में तोड़फोड़ और आगजनी।
करीब 200 साल पुराने पिलुआ वाले हनुमान मंदिर की घटना।
हनुमानजी की मूर्ति खंडित मिलने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश।
200 से अधिक ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर कार्रवाई की मांग की।
Hanuman Temple Incident : मुरैना जिले के पोरसा क्षेत्र में हनुमान मंदिर में तोड़फोड़ और आगजनी की घटना सामने आई है। धोरोटा गांव के करीब 200 साल पुराने पिलुआ वाले हनुमान मंदिर में हनुमानजी की मूर्ति को खंडित करने के बाद आग लगा दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
बड़ी संख्या में लोग मंदिर पर एकत्रित हुए और कार्रवाई की मांग को लेकर थाने पहुंच गए। इस दौरान 200 से अधिक ग्रामीणों ने थाने का घेराव किया। पुलिस ने मामले में गांव के ही 45 वर्षीय ओमप्रकाश शर्मा को पकड़ा है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम को ग्रामीण रोज की तरह मंदिर में दीपक जलाने और पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने गर्भगृह में स्थापित हनुमानजी की मूर्ति को बुरी तरह खंडित अवस्था में देखा। प्रतिमा के आसपास आग लगाए जाने के निशान भी मिले। मूर्ति को क्षतिग्रस्त देखकर ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई और देखते ही देखते मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई।
मंदिर में तोड़फोड़ और आगजनी की खबर फैलने के बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर विरोध जताया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग पोरसा थाने पहुंचे और घटना के जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। 200 से अधिक ग्रामीणों के थाने का घेराव करने से मामला चर्चा में आ गया। ग्रामीणों ने पुलिस से घटना की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की।
पुलिस ने पूछताछ के बाद धोरोटा गांव के ही 45 वर्षीय ओमप्रकाश शर्मा को पकड़ा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोप है कि उसने दोपहर के समय मंदिर में हनुमानजी की मूर्ति तोड़ी और इसके बाद बिजली के तार व पूजन सामग्री को खंडित प्रतिमा के सामने रखकर आग लगा दी। संबंधित व्यक्ति को मानसिक रूप से बीमार बताया जा रहा है। हालांकि, घटना में उसकी भूमिका और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
गांव के बुजुर्ग रामरूप के मुताबिक पिलुआ वाले हनुमान मंदिर का इतिहास 200 साल से भी अधिक पुराना है। इस मंदिर में धोरोटा गांव के अलावा आसपास के सात गांवों के लोग भी दर्शन और पूजा-अर्चना करने आते हैं। स्थानीय लोगों के लिए ये मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में यहां प्रतिमा तोड़े जाने और आग लगाए जाने की घटना से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
घटना के बाद एमपी पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। ग्रामीणों की मांग है कि मंदिर में तोड़फोड़ और आगजनी के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर है।