

Morena Police Bust Interstate Robbery Gang: मुरैना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय लुटेरे गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी लूट की वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपियों ने हथियारों के दम पर एक दर्जन से अधिक लूट की घटनाओं को अंजाम दिया था। पुलिस ने गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूट का माल और वारदातों में इस्तेमाल किए गए हथियार बरामद किए हैं।
पुलिस का कहना है कि जिले में लगातार सामने आ रही लूट की घटनाओं को देखते हुए विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई थी। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर बदमाशों तक पहुंचने में सफलता मिली।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य सुनसान रास्तों और कम आवाजाही वाले इलाकों में सक्रिय रहते थे। वे खास तौर पर बाइक से सफर करने वाले महिला-पुरुषों और नवविवाहित दंपतियों को निशाना बनाते थे। आरोपियों द्वारा हथियार दिखाकर लोगों को डराया जाता था और फिर उनसे सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य कीमती सामान लूट लिया जाता था। मुरैना जिले के जौरा, कैलारस और नूराबाद थाना क्षेत्रों में गिरोह ने कई वारदातों को अंजाम दिया था। वारदात के बाद आरोपी तेजी से मौके से फरार हो जाते थे, जिससे पुलिस के सामने उन्हें पकड़ना चुनौती बना हुआ था।
पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, नगदी और वारदातों में इस्तेमाल किए गए हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि बरामद सामग्री का संबंध कई लंबित मामलों से हो सकता है। मुरैना पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने किन-किन क्षेत्रों में वारदातों को अंजाम दिया था।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से ही लूट, डकैती और चोरी जैसी गंभीर धाराओं में दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपियों का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है, जिससे उनकी सक्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश और राजस्थान में की गई संभावित वारदातों की जानकारी भी जुटा रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के बाद लूट की कई अन्य घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है और गिरोह से जुड़े अन्य बदमाशों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।