Morena constable death during vehicle checking : मुरैना जिले में हाईवे पर वाहन चेकिंग के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। सिविल लाइन थाने में पदस्थ आरक्षक ओमप्रकाश तिवारी को तेज रफ्तार मिनी लोडिंग वाहन ने टक्कर मार दी।
हादसे में गंभीर रूप से घायल आरक्षक की ग्वालियर के बिरला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। जिसे पुलिस टीम ने करीब 10 किलोमीटर पीछा करने के बाद नूराबाद के पास पकड़ लिया।
जानकारी के अनुसार सिविल लाइन थाना पुलिस की टीम प्रतिदिन की तरह शाम करीब 6 बजे हाईवे पर वाहन चेकिंग कर रही थी। इस दौरान आरक्षक ओमप्रकाश तिवारी की ड्यूटी छौंदा टोल प्लाजा के पास लगाई गई थी। पुलिस टीम वाहनों की जांच कर रही थी तभी शाम करीब 6:30 बजे यह हादसा हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि चेकिंग के दौरान बाइक पर सवार तीन युवकों को आरक्षक ओमप्रकाश तिवारी ने रोकने का प्रयास किया। हालांकि बाइक सवार रुकने के बजाय भागने लगे। उन्हें पकड़ने के लिए आरक्षक हाईवे के बीच तक पहुंच गए। इसी दौरान जब वह सड़क के दूसरी ओर जाने लगे तभी टोल प्लाजा से निकले तेज रफ्तार मिनी लोडिंग वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। वाहन का नंबर यूपी 80 एचटी 5447 बताया गया है। टक्कर इतनी गंभीर थी कि आरक्षक बुरी तरह घायल हो गए।
हादसे के बाद घायल आरक्षक को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर शहर रेफर कर दिया। इसके बाद उन्हें बिरला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान रात करीब 9 बजे उनकी मौत हो गई। आरक्षक की मौत की खबर से पुलिस विभाग में शोक का माहौल है।
आरक्षक को टक्कर मारने के बाद मिनी लोडिंग वाहन का चालक मौके से भाग निकला। घटना की जानकारी मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने वाहन का पीछा शुरू किया। पुलिस टीम ने करीब 10 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद नूराबाद के पास वाहन को रोक लिया और चालक को पकड़ लिया। मिनी लोडिंग वाहन को भी पुलिस ने पकड़ लिया है।
आरक्षक ओमप्रकाश तिवारी मध्य प्रदेश पुलिस में भर्ती होने से पहले भारतीय सेना में 17 साल तक सेवाएं दे चुके थे। सेना की नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस में भर्ती होकर सेवा शुरू की थी। वे पिछले सात वर्षों से जिला पुलिस बल में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।