

Highlights:
GRMC डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ पर कथित हमले के विरोध में जूनियर डॉक्टरों का धरना।
1000 बिस्तर अस्पताल के गेट पर प्रदर्शन कर डॉक्टरों ने सुरक्षा की मांग उठाई।
ओपीडी के समय पेन डाउन के कारण जूनियर डॉक्टरों ने मरीजों को सेवाएं नहीं दीं।
जूडा ने पुलिस-प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जांच रिपोर्ट के लिए अल्टीमेटम दिया।
हड़ताल की आशंका के बीच अस्पताल अधीक्षक ने वैकल्पिक ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए।
Gwalior Doctors Protest : ग्वालियर में गजरा राजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ पर हमले के विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने मोर्चा खोल दिया है। डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JUDA) ने अस्पताल के गेट पर धरना दिया। इस दौरान जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी के समय पेन डाउन कर मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं दीं।
डॉक्टरों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्टर और एसपी के धरना स्थल पर नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताई। जूडा ने पुलिस-प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है और जांच रिपोर्ट देने के लिए आज तक का अल्टीमेटम दिया है।
यह पूरा मामला गजरा राजा मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ पर हमले से जुड़ा है। पूर्व वकील मनोज शर्मा पर डीन को थप्पड़ मारने का आरोप है। मनोज शर्मा की वकालत की सनद रद्द की जा चुकी है। इस घटना के बाद जूनियर डॉक्टरों ने अस्पताल में डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
जूनियर डॉक्टरों ने अस्पताल के मुख्य गेट पर बैठकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में काम करने वाले चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि वे बिना किसी डर के मरीजों का इलाज कर सकें। धरना स्थल पर कलेक्टर और एसपी के नहीं पहुंचने पर भी डॉक्टरों ने नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शन के दौरान जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी के समय पेन डाउन किया। इसके चलते ओपीडी में मरीजों को जूनियर डॉक्टरों की ओर से स्वास्थ्य सेवाएं नहीं दी गईं। डॉक्टरों के आंदोलन के आगे बढ़ने की स्थिति में अस्पताल आने वाले मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखना अस्पताल प्रशासन के लिए चुनौती बन सकता है।
जूडा ने डॉक्टरों की सुरक्षा और डीन पर कथित हमले के मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस-प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने आज जांच रिपोर्ट देने का अल्टीमेटम भी दिया है। जूडा अध्यक्ष डॉ. धुआंराम गुर्जर ने डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए और मामले में कार्रवाई की जरूरत बताई।
डॉक्टरों के प्रदर्शन के बीच अस्पताल प्रशासन भी सतर्क हो गया है। यदि आंदोलन हड़ताल में बदलता है, तो मरीजों को इलाज मिलने में परेशानी हो सकती है। इसे देखते हुए अस्पताल अधीक्षक ने विभागाध्यक्षों को वैकल्पिक ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखी जा सकें।