सरकार हमारी है, काटकर फेंक देंगे...मुरैना नगर निगम में विधायक प्रतिनिधि के बयान पर भारी हंगामा

Morena MLA Representative Controversial Statement: मुरैना नगर निगम परिषद में भारी हंगामा, “सरकार हमारी है, काटकर फेंक देंगे” वाले बयान पर कांग्रेस का धरना, 2 घंटे स्थगित रही बैठक।
Morena Municipal Corporation meeting controversy over MLA representative statement
मुरैना नगर निगम परिषद में भारी हंगामा(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Morena Municipal Corporation Row: मुरैना नगर निगम परिषद की बैठक सोमवार को उस समय हंगामे में बदल गई, जब वार्ड-5 की पार्षद के पति और विधायक प्रतिनिधि राजकुमार कुशवाह ने एक निगम कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए विवादित टिप्पणी कर दी। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि “सरकार हमारी है, ऐसे लोगों को काटकर फेंकना भी जानते हैं।” बयान सामने आने के बाद विपक्षी पार्षदों ने जमकर विरोध किया और सभापति की आसंदी के सामने धरने पर बैठ गए। विवाद बढ़ने पर बैठक करीब दो घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी।

दरअसल, 7 अगस्त को हंगामे के बाद स्थगित की गई नगर निगम परिषद की अभियाचित बैठक सोमवार को दोबारा बुलाई गई थी। बैठक शुरू होते ही राजकुमार कुशवाह ने अपने वार्ड में हैंडपंपों के काम की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि घटिया काम की जांच के लिए फाइल तैयार की गई थी, लेकिन निगम कर्मचारी ऋषिकेश शर्मा ने फाइल गायब कर दी। कुशवाह ने कर्मचारी पर ठेकेदार से मिलीभगत कर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। इसी दौरान उनका गुस्सा बढ़ गया और उन्होंने कथित तौर पर विवादित बयान दिया। नेता प्रतिपक्ष विनीत कंसाना ने बयान पर आपत्ति जताते हुए कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद कांग्रेस पार्षद धरने पर बैठ गए।

वीडियो फुटेज में बयान सामने आया, मांगी गई माफी

राजकुमार कुशवाह ने पहले ऐसा बयान देने से इनकार किया। इसके बाद सभापति राधारमण डंडौतिया के निर्देश पर बैठक में मौजूद वीडियो फुटेज देखे गए। फुटेज में “काटकर फेंकने” वाले शब्द सामने आने के बाद सभापति ने उनसे माफी मांगने को कहा। विवाद बढ़ने पर सभापति ने कुशवाह को बैठक से बाहर जाने के निर्देश दिए और उन्हें बर्खास्त करने की बात भी कही। करीब दो घंटे बाद बैठक दोबारा शुरू हुई तो राजकुमार कुशवाह ने सदन में माफी मांगी, जिसके बाद उन्हें बैठक में शामिल होने की अनुमति दे दी गई।

35 हजार लेने और 10 हजार की रसीद देने का आरोप

बैठक के दूसरे चरण में कांग्रेस पार्षद विजय डंडौतिया ने राजस्व विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक इमारतों का टैक्स 80 हजार रुपये तक बनता है, लेकिन अधिकारियों द्वारा 30 से 35 हजार रुपये लिए जाते हैं और 10 से 12 हजार रुपये की रसीद दी जाती है। राजस्व शाखा प्रभारी दर्शन डंडौतिया ने आरोपों पर सबूत मांगे और कहा कि प्रमाण मिलते ही कार्रवाई की जाएगी। नेता प्रतिपक्ष ने पहले कार्रवाई और बाद में सबूत देने की बात कही, लेकिन सभापति ने स्पष्ट किया कि बिना प्रमाण कार्रवाई संभव नहीं है।

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मेले में गड़बड़ी के आरोप, लोकायुक्त जांच के निर्देश

परिषद में मुरैना जिला मेले के आयोजन को लेकर भी सवाल उठे। विधायक प्रतिनिधि उपेंद्र सिकरवार ने बिजली बिलों और मेले की अवधि बढ़ाने सहित कई मामलों में लाखों रुपये की अनियमितता के आरोप लगाए। उन्होंने मामले की जांच की मांग की।

मेलों के आयोजन की लोकायुक्त से जांच कराने के निर्देश

सभापति राधारमण डंडौतिया ने नगर निगम आयुक्त सत्येंद्र धाकरे को मेलों के आयोजन की लोकायुक्त से जांच कराने के निर्देश दिए। एमआईसी सदस्य रमेश उपाध्याय ने इसका विरोध किया, लेकिन सभापति ने कहा कि जांच से किसी की प्रतिष्ठा खराब नहीं होती। बैठक में भाजपा पार्षदों के उग्र तेवरों पर भी उन्होंने नाराजगी जताते हुए महापौर से परिषद की मर्यादा में बोलने की समझाइश देने को कहा।

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