

Morena Madrasa Inspection : बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा ने बुधवार को मुरैना के खड़ियाहार गांव में संचालित मदरसा आयसा इस्लामिया का औचक निरीक्षण किया। महज दो कमरों में संचालित मदरसे के रिकॉर्ड में 445 बच्चों के दाखिले दर्ज मिले, जबकि मौके पर सिर्फ 35 बच्चे पढ़ते हुए मिले। रिकॉर्ड में दर्ज अधिकांश बच्चे हिंदू बताए गए, लेकिन अधिकारियों के अनुसार वे नियमित रूप से मदरसे में पढ़ने नहीं आते थे। बच्चों की संख्या और भवन की क्षमता में भारी अंतर मिलने के बाद आयोग अध्यक्ष ने मदरसे को तत्काल सील करा दिया।
निरीक्षण के दौरान मदरसे के नाम पर दो छोटे कमरे और उनके सामने एक छोटा आंगन मिला। दोनों कमरों में कुल 35 बच्चे पढ़ते हुए पाए गए। इसके बाद जब दाखिला रिकॉर्ड की जांच की गई तो उसमें 445 बच्चों के नाम दर्ज मिले। अधिकारियों के मुताबिक, इतने छोटे भवन में 445 बच्चों को पढ़ाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद बच्चों की संख्या में बड़ा अंतर मिलने से व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हुए हैं।
आयोग अध्यक्ष ने मदरसा प्रबंधन से दाखिले और संचालन से जुड़े अन्य जरूरी रिकॉर्ड मांगे। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार कई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके। रिकॉर्ड में दर्ज बच्चों में अधिकांश हिंदू बच्चों के नाम होने की बात भी सामने आई। अधिकारियों ने बताया कि रिकॉर्ड में दर्ज अधिकांश बच्चे नियमित रूप से मदरसे में पढ़ने नहीं आते थे।
मामले को गंभीरता से लेते हुए डॉ. निवेदिता शर्मा ने मदरसे को सील करा दिया। उन्होंने शिक्षा विभाग की सहायक संचालिका वर्षा कोहली को मदरसे की मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही रिकॉर्ड में दर्ज बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए उन्हें नजदीकी प्राथमिक स्कूलों में प्रवेश दिलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान बीआरसी शिवराज शर्मा, शिक्षा विभाग की सहायक संचालिका वर्षा कोहली, मुरैना बाल कल्याण समिति के सदस्य रामू डंडौतिया, प्रवेंद्र शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने मदरसे के भवन, बच्चों की उपस्थिति और दस्तावेजों की जानकारी ली। जांच के बाद विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।
मदरसे से पहले आयोग अध्यक्ष ने अधिकारियों के साथ ज्ञानोदय आवासीय छात्रावास का भी निरीक्षण किया। यहां सफाई व्यवस्था बदहाल मिली और भोजन की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं पाई गई। अधिकारियों के मुताबिक बच्चों को मीनू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा था। इस पर आयोग अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
छात्रावास में बच्चों के लिए बनाए गए खेल ऑडिटोरियम पर ताला लगा मिला। इससे बच्चे उसका उपयोग नहीं कर पा रहे थे। आयोग अध्यक्ष ने अधीक्षिका रामबेटी से निरीक्षण पंजी मांगी, लेकिन बार-बार कहने के बावजूद पंजी उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके अलावा छात्रावास भवन की कई खिड़कियां टूटी मिलीं। बालिकाओं की सुरक्षा को देखते हुए आयोग अध्यक्ष ने नाराजगी जताई और खिड़कियों को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।