

Gwalior BEd Admission Scam : ग्वालियर में बीएड प्रवेश प्रक्रिया में फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। प्रेस्टन कॉलेज में बीएड एडमिशन के लिए ऑनलाइन किए गए 11 आवेदनों के साथ लगाई गई मार्कशीट कूट-रचित यानी फर्जी और हेरफेर की हुई पाई गई हैं। कॉलेज प्रबंधन की सतर्कता के बाद मामले की जानकारी सामने आई, जिसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर मामले की जांच कराई।
जानकारी के मुताबिक बीएड प्रवेश के लिए जमा सभी आवेदनों के दस्तावेजों का प्रारंभिक सत्यापन पहले ही हो चुका था। इसके बावजूद प्रेस्टन कॉलेज के संचालक प्रबोध त्रिपाठी को कुछ मार्कशीट की प्रमाणिकता पर संदेह हुआ। उन्होंने मामले की शिकायत उच्च शिक्षा विभाग से की और दस्तावेजों की दोबारा जांच कराने की मांग की।
शिकायत मिलने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया। समिति की टीम प्रेस्टन कॉलेज पहुंची और दस्तावेजों की जांच की। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाई गई। जांच के दौरान सामने आया कि बीएड में प्रवेश हासिल करने के लिए मेरिट में हेरफेर के उद्देश्य से कुछ मार्कशीट में बदलाव किया गया था।
जांच में एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया। एक आवेदन में आवेदक ने अपनी मार्कशीट के बजाय किसी अन्य छात्र की मार्कशीट ही दस्तावेज के तौर पर संलग्न कर दी थी। समिति ने सभी 11 आवेदनों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की और उनमें अनियमितताएं पाए जाने के बाद प्रवेश निरस्त करने की कार्रवाई की गई।
जांच के बाद सभी 11 आवेदनों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। इनमें 8 पुरुष और 3 महिला छात्र शामिल हैं। निरस्त किए गए आवेदकों में 10 अनुसूचित जाति और एक अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित बताया गया है। सभी आवेदक जीवाजी विश्वविद्यालय से संबद्ध अलग-अलग कॉलेजों के छात्र बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार जांच समिति ने दस्तावेज सत्यापन और आवेदन प्रक्रिया में संभावित सांठगांठ की आशंका भी जताई है। समिति मामले की विस्तृत रिपोर्ट उच्च शिक्षा विभाग को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस मामले में विभाग की जांच रिपोर्ट पर अब सभी की नजरें हैं।