

Morena Electricity Crisis : मुरैना जिला मुख्यालय से सटे किशनपुर सहित तीन गांवों में लंबे समय से जारी बिजली संकट को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। किशनपुर, माधौ का पुरा और बंडा का पुरा गांव के एक सैकड़ा से अधिक ग्रामीण बिजली कंपनी के महाप्रबंधक कार्यालय पहुंचे और घेराव कर जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 24 घंटे में उन्हें महज 8 से 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है, जिससे रोजमर्रा के काम और खेती-किसानी प्रभावित हो रही है।
जानकारी के अनुसार बिजली कटौती से परेशान ग्रामीण बुधवार दोपहर करीब 12 बजे किशनपुर सरपंच सेवकराम बाथम और समाजसेवी महेंद्र डंडौतिया के साथ बिजली कंपनी के महाप्रबंधक कार्यालय पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने कार्यालय का घेराव कर बिजली व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों के सामने लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग रखी।
ग्रामीणों के मुताबिक किशनपुर, माधौ का पुरा और बंडा का पुरा गांव की करीब 10 हजार से ज्यादा आबादी वर्ष 2025 से बिजली संकट का सामना कर रही है। इन गांवों को जेबराखेरा सब स्टेशन के बिचौली पंप स्टेशन से जोड़ा गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि मौजूदा सप्लाई व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण किसी दिन केवल आठ घंटे तो किसी दिन अधिकतम दस घंटे ही बिजली मिल पाती है।
ग्रामीणों ने बताया कि दो दिन पहले किशनपुर सहित तीनों गांवों की बिजली लाइन को भोंडेरी फीडर से जोड़ा गया था। इससे ग्रामीणों को उम्मीद थी कि बिजली संकट दूर हो जाएगा, लेकिन रात के समय शिवलालपुरा और जगतपुर के कुछ लोगों द्वारा लाइन में फाल्ट किए जाने के बाद फिर बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई। इसके चलते ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया और उन्होंने बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया।
ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद बिजली कंपनी के महाप्रबंधक एलएन पाटीदार ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तीनों गांवों की बिजली सप्लाई दूसरे फीडर से जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान किया जा सके। अधिकारियों की ओर से समाधान का भरोसा मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से पर्याप्त बिजली नहीं मिलने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब दूसरे फीडर से सप्लाई जोड़े जाने के बाद उन्हें बिजली व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। वहीं बिजली कंपनी के अधिकारियों ने समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है। अब देखना होगा कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद तीनों गांवों में बिजली आपूर्ति कितनी बेहतर होती है।