मुरैना में एक्सपायरी देसी शराब की बिक्री का आरोप, 100 रुपये में तीन बिक रहे 'पउआ'; जांच की मांग तेज

Morena News: मुरैना में आबकारी विभाग का बड़ा कारनामा, दिमनी और मिरघान की शासकीय दुकानों पर बेची जा रही एक्सपायरी शराब, 75 रुपये का पउआ 40 में मिलते ही उमड़ी भीड़, जांच के आदेश।
Allegations of expired country liquor being sold in Morena spark demand for high-level investigation
मुरैना में बिक रही एक्सपायरी शराब (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Expired Liquor Sale In Morena: मुरैना जिले के दिमनी और मिरघान स्थित शासकीय शराब दुकानों पर कथित तौर पर एक्सपायरी देसी शराब बेचे जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक साल पहले पैक की गई और 7 जुलाई 2026 को एक्सपायर हो चुकी शराब को कम कीमत पर धड़ल्ले से बेचा जा रहा है।

सस्ती शराब की खबर फैलते ही आसपास के गांवों और कस्बों से बड़ी संख्या में लोग इन दुकानों पर पहुंच रहे हैं। मामले ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एक्सपायरी अवधि समाप्त होने के बाद खुलेआम बेची जा रही शराब

दिमनी की लहर रोड स्थित लाइसेंसी शराब दुकान पर बिक रहे देसी शराब के पउआ पर पैकिंग तिथि 7 जुलाई 2025 दर्ज है, जबकि उस पर एक वर्ष की वैधता यानी 7 जुलाई 2026 तक उपयोग योग्य होने का उल्लेख है। आरोप है कि एक्सपायरी अवधि पूरी होने के बावजूद यही शराब खुलेआम बेची जा रही है। इसी तरह मिरघान की शासकीय शराब दुकान पर भी एक्सपायरी दिनांक वाली शराब की बिक्री की चर्चाएं जोरों पर हैं।

75 रुपये में बिकने वाली शराब मात्र 40 रुपये में बिक रही

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले में सामान्यत 70 से 75 रुपये में बिकने वाला देसी शराब का पउआ यहां मात्र 40 रुपये में दिया जा रहा है। इतना ही नहीं, 100 रुपये में तीन पउआ तक बेचे जाने की बात भी सामने आई है। कम कीमत के कारण दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ रही है और भीड़ को संभालने के लिए अतिरिक्त काउंटर तक लगाए जाने की चर्चा है।

एक्सपायर शराब भेजने पर डीईओ हो चुके निलंबित

गौरतलब है कि पिछले महीने 18 जून को आबकारी के मदिरा भंडारगृह से एक्सपायर शराब की 260 पेटियां ठेकों पर भेज दी गई थीं। कई पेटियां शराब बिकने के बाद यह मामला प्रकाश में आया, उसके बाद जांच हुई और कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ की अनुशंसा पर संभाग आयुक्त सुरेश कुमार ने इस गंभीर लापरवाही पर 26 जून को तात्कालीन जिला आबकारी अधिकारी (डीईओ) जितेंद्र गुर्जर को निलंबित कर दिया था। क्योंकि भंडारगृह का प्रभार भी जितेंद्र गुर्जर के पास था, उन्हीं के हस्ताक्षर से एक्सपायर शराब ठेकों पर पहुंची। अब दिमनी और मिरघान में सामने आए नए आरोपों ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल पूरे मामले में जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव ने जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या फिर एक्सपायरी शराब बेचकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ का यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा। अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

https://youtu.be/9Pi-OAZJ5N8?si=7UB_kS8nBf3HoACp

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