

Fish Farming Lease Row Chhatarpur: छतरपुर जिले की ग्राम पंचायत गहावरा जनपद पंचायत गौरिहार के ग्रामीणों ने गांव के प्राचीन सार्वजनिक तालाब को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मछली पालन विभाग द्वारा जारी किए गए पट्टे को निरस्त करने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि सदियों से सार्वजनिक उपयोग में आने वाले तालाब को निजी उपयोग के लिए सौंप दिए जाने से पूरे गांव के लोगों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए ज्ञापन के अनुसार, ग्राम पंचायत गहावरा के खसरा नंबर 3427, रकबा 19.7650 हेक्टेयर में स्थित लगभग 120 वर्ष पुराने सार्वजनिक तालाब का उपयोग गांव के लोग लंबे समय से निस्तार, पशुओं को पानी पिलाने तथा अन्य सार्वजनिक कार्यों के लिए करते आ रहे हैं। यह तालाब गांव का प्रमुख जल स्रोत माना जाता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा दस्तावेजों के आधार पर जय भीम मछली पालन स्व-सहायता समूह के नाम से मछली पालन विभाग से 10 वर्षों का पट्टा जारी करा लिया गया है। इसके बाद समूह के सदस्यों द्वारा ग्रामीणों के तालाब में आने-जाने और सार्वजनिक उपयोग में बाधा उत्पन्न की जा रही है, जिससे गांव में भारी नाराजगी है।
ज्ञापन में कहा गया है कि सार्वजनिक तालाब पर किसी एक समूह का अधिकार होने से ग्रामीणों की पारंपरिक सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं। इससे गांव में विवाद की स्थिति भी बन रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सार्वजनिक हित को देखते हुए उक्त पट्टे को तत्काल निरस्त किया जाए और तालाब को पूर्व की तरह आम जनता के उपयोग के लिए मुक्त रखा जाए।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच कराकर पूरे मामले में आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो गांव के लोगों को आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
https://youtu.be/9Pi-OAZJ5N8?si=7UB_kS8nBf3HoACp