मंदसौर में जल संकट पर कांग्रेस का हल्लाबोल, सिर पर मटका लेकर पहुंचीं महिलाएं; नगर पालिका ऑफिस के बाहर फोड़ा

Congress Protest On Water Crisis: MP के मंदसौर में पानी के लिए महा-संग्राम, विधायक विपिन जैन के नेतृत्व में नगर पालिका का घेराव, महिलाओं ने मटके फोड़े, करोड़ों की जल योजना में भ्रष्टाचार का आरोप।
Congress leaders and women protesters staged a demonstration over the worsening water crisis in Mandsaur
मंदसौर में कांग्रेस का प्रदर्शन (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Mandsaur Congress Protest: मंदसौर शहर में गहराते जल संकट को लेकर कांग्रेस पार्षद दल ने नगर पालिका के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। शहर में पेयजल की समस्या से परेशान लोगों की आवाज उठाने के लिए कांग्रेस नेताओं, पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर नगर पालिका कार्यालय का घेराव किया।

प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने सिर पर पानी के मटके लेकर विरोध जताया और नगर पालिका के मुख्य द्वार के बाहर मटके फोड़कर प्रशासन के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया।

कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन

प्रदर्शन की शुरुआत कांग्रेस कार्यालय से हुई, जहां से विधायक विपिन जैन, कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह गुर्जर और नेता प्रतिपक्ष रफत पयामी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पार्षद नगर पालिका की ओर रवाना हुए। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जल संकट और नगर पालिका की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रैली के रूप में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने नगर पालिका परिसर में विरोध दर्ज कराया और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा।

महिलाओं ने मटके फोड़कर जताया आक्रोश

प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने सिर पर पानी के मटके लेकर नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। महिलाओं ने नगर पालिका के मुख्य द्वार और अध्यक्ष के कार्यालय के बाहर मटके फोड़कर जल संकट की गंभीरता को उजागर किया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता और पार्षद नगर पालिका अध्यक्ष के कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। काफी देर तक नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन चलता रहा, लेकिन नगर पालिका के सीएमओ या कोई जिम्मेदार अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा।

करोड़ों की जल योजना पर भ्रष्टाचार का आरोप

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शहर को जल संकट से राहत दिलाने के लिए केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार की ओर से करोड़ों रुपये की जल योजना स्वीकृत की गई थी, लेकिन यह योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। उनका कहना है कि योजना के नाम पर केवल कागजी कार्रवाई हुई, जबकि जमीनी स्तर पर अपेक्षित कार्य नहीं किया गया। कांग्रेस का दावा है कि शहर की कई कॉलोनियों में उपभोक्ताओं से पूरा बिल वसूला जा रहा है, लेकिन पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा।

हालात ऐसे हैं कि अनेक परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए निजी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि शहर में तत्काल पेयजल आपूर्ति सुचारु की जाए और जल योजनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

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