ग्वालियर के चकरायपुरा में संग्राम, क्रिकेट की एक गेंद पर बरसे डंडे; फिर गूंजीं राइफल की गोलियां

Gwalior Firing Case: ग्वालियर के चकरायपुरा में क्रिकेट गेंद के विवाद पर लाइसेंसी राइफल से 2 राउंड फायरिंग, पुलिस ने कल्ला राजावत और बेटे को किया गिरफ्तार, लाइसेंस होगा निरस्त।
Dispute over a cricket ball escalated into a violent clash and firing incident in Gwalior's Chakraypura area
ग्वालियर फायरिंग केस (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Gwalior Cricket Dispute Turn Into Firing: ग्वालियर के चकरायपुरा गांव में क्रिकेट की एक बॉल ने पूरे गांव में दहशत फैला दी। क्रिकेट खेलने कर दौरान बॉल खेत में चली गई उसे लेने गए युवक से गाली-गलौच हुई, डंडे बरसे और फिर लाइसेंसी राइफल से फायर कर दिए गए।

आबिद खान और उसे बचाने आए भाई आसिम ने छुपकर अपनी जान बचाई। घटना का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने बाप-बेटे को गिरफ्तार कर राइफल जब्त कर ली है। लेकिन गांव वाले चारों आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गए।

गेंद मांगने पर भड़का विवाद

दअरसल महाराजपुरा थाना क्षेत्र के चकरायपुरा गांव के मैदान में आबिद खान समेत कुछ युवा क्रिकेट खेल रहे थे। शॉट लगने के बाद गेंद पास में कल्ला राजावत के खेत में चली गई। बॉल लेने आबिद जब खेत पर पहुंचा तो वहां कल्ला राजावत, उसका बेटा राहुल राजावत, अंकित और छोटे मौजूद थे। गेंद मांगने पर चारों ने आबिद से गाली-गलौच शुरू कर दी। विरोध करने पर राहुल के पिता कल्ला ने डंडे से आबिद की पिटाई कर दी।

पुलिस कार्रवाई के बाद भी संतुष्ट नहीं ग्रामीण

मारपीट देख आबिद का भाई आसिम बीच-बचाव के लिए आया। इसी बीच राहुल घर के अंदर गया और लाइसेंसी राइफल निकाल लाया। उसने दो फायर कर दिए। गोलियों की आवाज सुनते ही आबिद और आसिम ने जान बचाकर वहां से भाग निकले। पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद भी गांव के लोग संतुष्ट नहीं हुए। चकरायपुरा के ग्रामीण एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और मांग की कि इस मामले में चारों आरोपियों राहुल, कल्ला, अंकित और छोटे के खिलाफ जल्द सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

पुलिस ने ग्रामीणों को दिलाया निष्पक्ष जांच का भरोसा

ग्रामीणों का कहना है कि लाइसेंसी हथियार से फायरिंग जैसी घटना को मामूली नहीं माना जा सकता। इस घटना में जान भी जा सकती थी। पुलिस ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि निष्पक्ष जांच होगी। गिरफ्तार पिता और बेटे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जब्त राइफल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

फायरिंग में किसी को गोली नहीं लगी। लेकिन गांव में दहशत का माहौल बन गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की लाइसेंस की बंदूक का लाइसेंस भी निरस्त कराने की कार्यवाई की जाएगी।

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