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गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के पांचवें संस्करण की शुरुआत, पारंपरिक तरीके से हुआ अतिथियों का स्वागत।
कलेक्टर दिव्यांक सिंह ने पर्यटन सुविधाओं, खेल गतिविधियों और मार्केटिंग की भूमिका पर बात की।
प्रशासन का फोकस गांधीसागर को किसी एक सीजन तक सीमित रखने के बजाय सालभर पर्यटन का केंद्र बनाने पर है।
Gandhi Sagar Forest Retreat : मध्य प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के पांचवें संस्करण की शुरुआत हो गई है। आयोजन में पहुंचे अतिथियों का तिलक लगाकर, तुलसी की माला पहनाकर और ढोल-नगाड़ों के साथ पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।
शुरुआत से ही आयोजन में भारतीय संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और आधुनिक पर्यटन का संगम देखने को मिला। इस दौरान मंदसौर कलेक्टर दिव्यांक सिंह ने नवभारत से खास चर्चा में गांधीसागर में पर्यटन की संभावनाओं, पर्यटकों के लिए विकसित की जा रही सुविधाओं और इसे सालभर पर्यटन का केंद्र बनाने की रणनीति पर बात की।
कलेक्टर दिव्यांक सिंह ने बताया कि गांधीसागर में पिछले कुछ समय के दौरान पर्यटन सुविधाओं, खेल गतिविधियों और मनोरंजन के साधनों में बढ़ोतरी की गई है। इसका असर यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या पर भी दिखाई दे रहा है। जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार गांधीसागर को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। यहां पर्यटकों को प्राकृतिक सुंदरता के साथ मनोरंजन और विभिन्न गतिविधियों का अनुभव देने पर जोर दिया जा रहा है।
कलेक्टर ने कहा कि किसी भी पर्यटन स्थल को विकसित करने के साथ उसका प्रचार-प्रसार करना भी जरूरी है। गांधीसागर के बारे में लोगों तक जानकारी पहुंचने से इसकी पहचान बढ़ रही है और पर्यटक यहां आने के लिए आकर्षित हो रहे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि बेहतर सुविधाओं के साथ प्रभावी मार्केटिंग के जरिए गांधीसागर की खूबियों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए, ताकि इसे प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अलग पहचान मिल सके।
गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट जैसे आयोजन पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन के सामने इसे किसी एक खास सीजन तक सीमित न रखने की चुनौती भी है। इस संबंध में कलेक्टर दिव्यांक सिंह ने बताया कि सुविधाओं के विस्तार और प्रचार-प्रसार के जरिए पर्यटकों को पूरे साल गांधीसागर आने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश की जा रही है। उद्देश्य है कि पर्यटक केवल रिट्रीट के आयोजन के दौरान ही नहीं, बल्कि साल के अन्य महीनों में भी यहां आएं और प्राकृतिक सुंदरता के साथ विभिन्न गतिविधियों का आनंद लें।
गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के पांचवें संस्करण में पारंपरिक स्वागत और ढोल-नगाड़ों की गूंज ने आयोजन को सांस्कृतिक रंग दिया। वहीं, पर्यटकों के लिए विकसित की जा रही सुविधाएं और मनोरंजन गतिविधियां इसे आधुनिक पर्यटन अनुभव से जोड़ रही हैं। प्रशासन के मुताबिक, बेहतर सुविधाओं, विविध गतिविधियों और लगातार प्रचार-प्रसार के जरिए गांधीसागर को सालभर पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनाने पर फोकस किया जा रहा है। अब इस पहल की अहम चुनौती पर्यटकों के आकर्षण को पूरे साल बनाए रखना और पर्यटन गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा देना है।