70 फीट गहरे बोरवेल में गिरा मासूम हुई मौत (सोर्स- डिजाइन इमेज)
Ujjain News: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर क्षेत्र के झालरिया गांव से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गुरुवार रात करीब 8 बजे खेलते समय ढाई साल का मासूम भागीरथ देवासी खुले पड़े बोरवेल में गिर गया था। लगभग 20 घंटे तक चले लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शुक्रवार शाम बच्चे का शव बाहर निकाला गया, जिसे देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
जानकारी के अनुसार, भागीरथ खेलते-खेलते अचानक खुले बोरवेल में गिर गया और करीब 70 फीट की गहराई पर जाकर फंस गया। जैसे ही इसकी सूचना मिली, प्रशासन तुरंत हरकत में आया और बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया। बोरवेल की गहराई और संकरी संरचना के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था।
बचाव कार्य में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के साथ हरदा, इंदौर और उज्जैन की SDERF टीमों को भी शामिल किया गया। टीम ने सबसे पहले बोरवेल में ऑक्सीजन की व्यवस्था की, ताकि बच्चे को सांस लेने में कोई दिक्कत न हो। इसके बाद ‘रेस्क्यू रोप रिंग’ के जरिए उसे ऊपर खींचने की कोशिश की गई। रेस्क्यू टीम बच्चे को लगभग 30 फीट तक ऊपर खींचने में सफल भी रही लेकिन वह फिर 40 फीट की गहराई पर जाकर फंस गया। इसके बाद पोकलेन मशीनों की मदद से समानांतर गड्ढा और सुरंग बनाकर उसे निकालने का प्रयास किया गया लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसे जीवित नहीं बचाया जा सका।
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रेस्क्यू के दौरान भागीरथ के माता-पिता की हालत बेहद खराब थी। वह लगातार बोरवेल की ओर उम्मीद भरी नजरों से देखते रहे कि उनका बेटा सुरक्षित बाहर आ जाएगा लेकिन जैसे ही बच्चे का शव बाहर निकाला गया, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घटना के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर खुले बोरवेल की समस्या और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।