कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स- सोशल मीडिया)
Ujjain Mahakal Mandir Net Worth: मध्य प्रदेश की महाकाल नगरी के नाम से विख्यात उज्जैन महाकाल लोक बनने के बाद और प्रख्यात हो गई है। राज्य में सबसे ज्यादा भक्त बाबा के दर्शन के लिए उज्जैन का रुख करते हैं। यही वजह है कि मंदिर की आय में अप्रत्याशित इजाफा देखने को मिला है। महाकाल मंदिर की संपत्ति को लेकर सवाल उठने भी शुरू हो गए हैं।
महाकाल मंदिर की संपत्ति का मुद्दा बीती 26 फरवरी को विधानसभा में गूंजता हुई सुनाई दिया है। सदन में सवाल पूछा गया महाकाल मंदिर के पास कितनी चल-अचल प्रॉपर्टी है? सबसे बड़ी बात यह कि ये सवाल किसी और दल ने नहीं बल्कि राज्य की सत्ताधारी पार्टी भाजपा के ही एक विधायक ने उठाए हैं।
उज्जैन नॉर्थ से भाजपा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने विधानसभा में महाकाल मंदिर की संपत्ति और खर्च का ब्यौरा धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग के राज्य मंत्री धर्मेंद्र लोधी से मांगा। कालूहेड़ा ने जानकारी मांगी कि महाकाल मंदिर उज्जैन के नाम पर राज्य के अंदर और बाहर कितनी जमीन रजिस्टर्ड है।
इसके साथ ही अनिल जैन कालूहेड़ा ने सदन में पूछा कि मंदिर के पास अभी कितनी चल-अचल प्रॉपर्टी है? इन प्रॉपर्टीज का वेरिफिकेशन कब हुआ है? मंदिर की इनकम क्या है? इसके साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी मांगी कि क्या इस पैसे का इस्तेमाल दूसरे कामों के लिए किया जाता है?
धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग के राज्य मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने इन सवालों को टाल दिया और सिर्फ एक लाइन का जवाब दिया। धर्मेंद्र लोधी ने विधानसभा में कहा कि इन सभी चीजों की जानकारी इकट्ठा की जा रही है। इसमें कितना समय लगेगा? इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाबा महाकाल मंदिर मैनेजमेंट के पास 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की FD हैं। मंदिर के पास 2,000 किलोग्राम से ज्यादा चांदी भी है, जिसकी कीमत 60 करोड़ रुपये से ज़्यादा है। इसके पास 20 किलोग्राम सोना भी है, जिसकी कीमत 30 करोड़ रुपये से अधिक है। मंदिर के पास लगभग 90 एकड़ की कीमती जमीन भी है। हालांकि, जमीन को लेकर कई इलाकों में कानूनी झगड़े चल रहे हैं।
महाकाल लोक की स्थापना के बाद, बाबा महाकाल मंदिर में आने वाले भक्तों की संख्या लाखों में पहुंच गई है। बीते साल यानी 2025 में लगभग 60 मिलियन भक्तों ने दर्शन किए। उन्होंने 107 करोड़ रुपये दान किए। इसमें से 43 करोड़ रुपये दान पेटियों में और 64 करोड़ रुपये शीघ्र दर्शन रसीदों से मिले।
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साल 2025 में मंदिर को दान में 592.36 किलो चांदी और 1.48 किलो सोना मिला। चांदी का दान बढ़ा है, 2024 के मुकाबले 193 किलो ज्यादा चांदी मिली है। 2025 में मिले सोने की मात्रा 2024 के मुकाबले कम है। जब सिर्फ लगभग 1.5 किलो सोना दान बाबा महाकाल को चढ़ा था।
Ans: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंदिर प्रबंधन के पास 300 करोड़ रुपये से अधिक की एफडी (FD) है। इसके अलावा सोना, चांदी और लगभग 90 एकड़ जमीन भी मंदिर की संपत्ति में शामिल है।
Ans: मंदिर के पास लगभग 20 किलोग्राम सोना (करीब 30 करोड़ रुपये मूल्य) और 2,000 किलोग्राम से अधिक चांदी (करीब 60 करोड़ रुपये मूल्य) मौजूद है।
Ans: मंदिर के नाम पर लगभग 90 एकड़ की जमीन दर्ज है। हालांकि, कुछ जमीनों को लेकर कानूनी विवाद भी चल रहे हैं।
Ans: साल 2025 में लगभग 107 करोड़ रुपये का दान प्राप्त हुआ। इसमें 43 करोड़ रुपये दान पेटियों से और 64 करोड़ रुपये शीघ्र दर्शन रसीदों से मिले।
Ans: 2025 में लगभग 60 मिलियन (6 करोड़) भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन किए।
Ans: साल 2025 में मंदिर को 592.36 किलो चांदी और 1.48 किलो सोना दान में मिला। चांदी का दान 2024 की तुलना में 193 किलो अधिक रहा।
Ans: हाँ, Mahakal Lok के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, जिससे मंदिर की आय और दान राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।