भागीरथपुरा के बाद महू में 25 से ज्यादा लोग संक्रमित
Mhow Contaminated Water: शहर में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला थमा भी नहीं था कि महू में हालात बिगड़ गए हैं। इंदौर से करीब 20–25 किमी दूर महू के पत्ती बाजार और मोती महल इलाके में दूषित पानी पीने से लोग पीलिया जैसी बीमारियों की चपेट में आ गए हैं। पिछले 10–15 दिन में लगभग 25 लोग संक्रमित हो चुके हैं, इनमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, चंदर मार्ग से शुरू हुई गंदे पानी की सप्लाई मोती महल तक पहुँच चुकी है। नलों से मटमैला और बदबूदार पानी आ रहा है, जिससे बच्चों की सेहत और उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। मिडिया रिपोर्ट के मुताबिर एक ही परिवार के छह बच्चे, 11 साल की वाणी से 19 साल के भावेश तक बीमार हैं। वहीं, 12वीं की छात्रा अलीना संक्रमण के कारण प्री-बोर्ड परीक्षा नहीं दे पाई। 9 साल की लक्षिता और 12 साल के गीतांश भी पीलिया से जूझ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पेयजल पाइपलाइन गंदे नालों से होकर गुजर रही है। जगह-जगह लीकेज के कारण नालों का गंदा पानी पाइप में मिल रहा है, जिससे नलों से गाद और बदबू वाला पानी आ रहा है। यही दूषित पानी बीमारियों का मुख्य कारण माना जा रहा है।
इंदौर के महू बीएमओ डॉ. योगेश सिंगारे ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर सर्वे कर रही हैं। फिलहाल तीन बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि अन्य मरीजों का इलाज घर पर चल रहा है। बुजुर्ग जगदीश चौहान को लिवर इंफेक्शन के चलते इंदौर रेफर किया गया।
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वहीं क्षेत्रीय विधायक उषा ठाकुर ने गुरुवार रात पत्ती बाजार और मोती महल का दौरा कर बीमार लोगों से हालचाल जाना। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद अधिकारियों को निर्देश दिए कि तत्काल इलाज, दवाइयां उपलब्ध कराना, दूषित पानी की सप्लाई रोकना और वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करना चाहिए। साथ ही पानी सप्लाई लाइन की तकनीकी जांच कर स्थायी समाधान का भरोसा भी दिया।