संसद में बोलते राजीव शुक्ला, फोटो- सोशल मीडिया
Rajiv Shukla Parliament Speech: संसद की कार्यवाही अक्सर तीखी बहस और हंगामे के लिए जानी जाती है, लेकिन कभी-कभी सदन में कुछ ऐसे पल आते हैं जो गंभीर माहौल को हल्का कर देते हैं। मंगलवार को राज्यसभा में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की चुटकी ली।
राजीव शुक्ला का यह अंदाज न केवल सदन में मौजूद सदस्यों को भा गया, बल्कि अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।
सदन में विनियोग विधेयक और ग्रामीण विकास मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा के लिए जैसे ही राजीव शुक्ला का नाम पुकारा गया और वे बोलने के लिए खड़े हुए, सत्ता पक्ष की ओर से शोर-शराबा शुरू हो गया। इस पर शुक्ला ने बेहद सहज भाव से तंज कसते हुए कहा, “अरे कितनी चमचागिरी भाई? कुछ तो शांत हो जाओ।” उन्होंने आगे सत्ता पक्ष के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि वे भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पिछले 30 सालों से जानते हैं।
शुक्ला ने मुस्कुराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को खुद अपनी इतनी अधिक तारीफ पसंद नहीं है जितनी उस दिन सदन में उनके नाम पर की जा रही थी। इस बेबाक टिप्पणी ने एक बार के लिए शोर मचा रहे सदस्यों को भी शांत कर दिया।
चर्चा का सबसे दिलचस्प हिस्सा वह था जब राजीव शुक्ला ने सीधे कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के भाषण की शैली पर सवाल उठाया। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि शिवराज जी ने अपने लंबे-चौड़े भाषण में कम से कम 200 बार प्रधानमंत्री का नाम लिया होगा।
राजीव शुक्ला जी: कितनी चमचागिरी करोगे? शिवराज सिंह ऐसे बात कर रहे हैं जैसे 2014 से पहले भारत में बिजली ही नहीं थी 🤣🤣 pic.twitter.com/SzueGfxbHu — Dinesh Bhardwaj (@bhardwaj2509) March 18, 2026
शुक्ला ने तंज के लहजे में आगे कहा कि अक्सर जब प्रधानमंत्री को किसी का भाषण अच्छा लगता है, तो वह ट्वीट करके उसकी सराहना करते हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि शिवराज सिंह द्वारा इतनी बार नाम जपने के बावजूद, प्रधानमंत्री ने अब तक उनके लिए कोई ट्वीट नहीं किया है। इस टिप्पणी पर सदन के गलियारों में ठहाके गूंज उठे और पीठासीन अधिकारी रजनी अशोकराव पाटिल भी अपनी मुस्कुराहट नहीं रोक सकीं।
राजीव शुक्ला ने शिवराज सिंह चौहान के उन दावों पर भी गंभीर सवाल उठाए जिसमें उन्होंने संकेत दिया था कि देश में जो कुछ भी विकास हुआ है वह 2014 के बाद ही संभव हुआ है। शुक्ला ने इतिहास का हवाला देते हुए पूछा कि क्या 2014 से पहले देश में बिजली के खंभे, रेल या सड़कें मौजूद नहीं थीं?
यह भी पढ़ें: इंदौर में मौत का तांडव: EV में चार्जिंग के दौरान धमाका, एक के बाद एक फटे गैस सिलेंडरों ने मचाई तबाही, 7 की मौत
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और एच.डी. देवेगौड़ा के कार्यकाल का जिक्र करते हुए याद दिलाया कि विकास एक निरंतर प्रक्रिया है और इसे केवल एक निश्चित समय सीमा में नहीं बांधा जा सकता। उनका तर्क था कि देश की प्रगति में हर दौर का अपना महत्व रहा है और उसे पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता।