खंडवा में आफत की बारिश: भारी वर्षा से जनजीवन बेहाल, उफान पर सुकता नदी, हापला गांव का संपर्क टूटा
Sukta River Flood : खंडवा में लगातार भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया। सुकता नदी उफान पर है। हापला गांव की पुलिया डूबने से संपर्क टूट गया, जबकि तेज बहाव में दो भैंसें बह गईं।
- Reported By: नितिन झवर | Edited By: प्रीतेश जैन
खंडवा में भारी बारिश (फोटो सोर्स- नवभारत)
Khandwa Heavy Rain: खंडवा जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। देर रात से जारी बारिश के कारण शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जलभराव की स्थिति बन गई है। कई सड़कें पानी में डूब गई हैं, जबकि नदी-नाले उफान पर हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।
सबसे अधिक असर सुकता नदी के किनारे बसे हापला गांव में देखने को मिला। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली पुलिया पानी में डूब गई। इसके चलते हापला गांव का जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों से संपर्क टूट गया। पुलिया पर पानी होने के कारण लोगों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है।
तेज बहाव में बहे पशु
इसी दौरान एक किसान की दो भैंसें तेज बहाव में बह गईं। ग्रामीणों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन नदी के तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिल सकी। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बारिश के बीच सबसे ज्यादा चिंता उन अभिभावकों की है, जिनके बच्चे सुबह स्कूल गए थे। ग्रामीणों के अनुसार, सुबह स्कूल जाते समय पुलिया पर पानी नहीं था, लेकिन करीब नौ बजे के बाद नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और पुलिया जलमग्न हो गई। ऐसे में बच्चों के सुरक्षित घर लौटने को लेकर परिजन चिंतित हैं।
सम्बंधित ख़बरें
भोपाल: सोशल मीडिया पर चर्चित पुलिस अफसर संतोष कुमार पटेल ने संभाला भोपाल एसीपी कोतवाली का कार्यभार
एमपी में सियासत गरमाई: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का सरकार पर हमला, मूंग खरीद और ‘घोस्ट अस्पताल’ पर उठाए सवाल
मध्य प्रदेश में ED का बड़ा एक्शन: भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के तीन मामलों में 24.14 करोड़ की संपत्ति अटैच
मध्य प्रदेश के 1.5 लाख शिक्षकों के सामने बड़ी चुनौती, 31 अगस्त तक पास करनी होगी TET, फिर SC जाएगी सरकार
हर साल पैदा होती है ऐसी स्थिति
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या हर वर्ष बारिश के मौसम में सामने आती है। थोड़ी अधिक बारिश होते ही पुलिया डूब जाती है और गांव का संपर्क कट जाता है। इससे मरीजों, छात्रों और अन्य लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पुलिया की ऊंचाई बढ़ाने और स्थायी समाधान करने की मांग की है।
ये भी पढ़ें : उमंग सिंघार का आरोप, मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार में तालाब नहीं बने…सिर्फ घोटालों का जलाशय भरता गया
हालात पर प्रशासन की नजर
फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों से नदी-नालों और पुल-पुलियों को पार नहीं करने की अपील की जा रही है। यदि बारिश का दौर जारी रहा तो निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
