निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया की अग्रिम बेल पर HC ने फैसला रखा सुरक्षित, FIR रद्द करने की याचिका पर सुनवाई पूरी

Katni CSP Neha Pachisia Case : कटनी की निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया की अग्रिम जमानत और एफआईआर निरस्त करने की याचिकाओं पर जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हुई। अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा।
Madhya Pradesh High Court
जबलपुर हाई कोर्ट, निलंबित CSP नेहा पच्चीसियाफोटो सोर्स- सोशल मीडिया
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Highlights:

  • नेहा पच्चीसिया की याचिकाओं पर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी

  • एफआईआर निरस्त करने और अग्रिम जमानत की मांग

  • दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा

  • जमीन के सौदे में भूमिका को लेकर बचाव पक्ष ने दी सफाई

  • कटनी के कुठला थाने में दर्ज है मामला

Neha Pachisia Bail Hearing : कटनी की निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया को गिरफ्तारी से राहत मिलेगी या नहीं, इस पर जबलपुर हाईकोर्ट का फैसला आना बाकी है। उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर निरस्त करने और अग्रिम जमानत देने की मांग वाली याचिकाओं पर अदालत में सुनवाई पूरी हो गई है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया।

नेहा पच्चीसिया के खिलाफ कटनी के कुठला थाने में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत विभिन्न कानूनी प्रावधानों के तहत केस दर्ज है। मामले में उनकी कथित भूमिका की जांच की जा रही है। अब उनकी याचिकाओं पर हाईकोर्ट के फैसले से आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।

चालान में देरी से जुड़ा मामला भी जांच के दायरे में

मामले में लगाए गए आरोपों के अनुसार, हत्या से जुड़े एक प्रकरण में समय पर चालान पेश नहीं होने के कारण संबंधित आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिल गई थी। इसके बाद जमीन की खरीद-फरोख्त में कथित अनियमितताओं और वास्तविक कीमत से कम दाम पर सौदा किए जाने के आरोप भी सामने आए। इन मामलों की जांच के दौरान नेहा पच्चीसिया की भूमिका पर सवाल उठे।

बचाव पक्ष ने जमीन के सौदे से संबंध न होने की दी दलील

जबलपुर हाईकोर्ट में नेहा पच्चीसिया की ओर से पेश वकीलों ने जमीन के विवादित सौदे में उनकी भूमिका से इनकार किया। बचाव पक्ष के अनुसार, जमीन मारूफ अहमद हनफी के नाम पर खरीदी गई थी और लेनदेन से जुड़ी रकम क्षितिज राज पात्रे के माध्यम से संबंधित बैंक खाते में भेजी गई थी।

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बैंक खाते से भुगतान नहीं होने का दावा

बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि जमीन खरीदने के लिए नेहा पच्चीसिया के बैंक खाते से कोई भुगतान नहीं किया गया। इसी आधार पर उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने और अग्रिम जमानत देने की मांग की गई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब सभी की नजर हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय पर है।

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