78% अस्थि दिव्यांग और 20% दृष्टिबाधित हिमांशु सोनी बने डिप्टी कलेक्टर, वायरल वीडियो ने लोगों को किया प्रेरित
Jabalpur Deputy Collector News: जबलपुर के हिमांशु सोनी ने MPPSC 2024 में 13वीं रैंक हासिल कर डिप्टी कलेक्टर पद हासिल किया। 78% अस्थि दिव्यांग और 20% दृष्टिबाधित हिमांशु युवाओं के लिए प्रेरणा हैं।
- Reported By: पवन पटेल | Edited By: प्रीतेश जैन
डिप्टी कलेक्टर हिमांशु सोनी (फोटो सोर्स- नवभारत)
Deputy Collector Himanshu Soni: सोशल मीडिया पर जबलपुर के नए डिप्टी कलेक्टर हिमांशु सोनी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। व्हीलचेयर पर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जनसुनवाई में लोगों की समस्याएं सुनते हिमांशु का यह वीडियो हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है। उनकी कहानी इस बात का उदाहरण है कि मजबूत इरादों के सामने शारीरिक चुनौतियां भी छोटी पड़ जाती हैं।
जबलपुर के अधारताल निवासी हिमांशु सोनी ने एमपीपीएससी 2024 परीक्षा में 13वीं रैंक हासिल कर डिप्टी कलेक्टर का पद प्राप्त किया है। वह 78 प्रतिशत अस्थि दिव्यांग और 20 प्रतिशत दृष्टिबाधित हैं। दिव्यांग वर्ग में उन्होंने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया।
कलेक्ट्रेट में पहला कार्यदिवस
मंगलवार को हिमांशु का कलेक्ट्रेट में पहला कार्यदिवस था। वह व्हीलचेयर से कलेक्ट्रेट पहुंचे और सबसे पहले कलेक्टर राघवेंद्र सिंह से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने जनसुनवाई में बैठकर आम लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उनके पिता महेश कुमार सोनी, जो सेवानिवृत्त शिक्षक हैं, भी उनके साथ मौजूद रहे। हिमांशु ने बिजली, ऊर्जा, शिक्षा समेत विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों को समझा और प्रशासनिक जिम्मेदारियों की शुरुआत की।
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घर से की ऑनलाइन तैयारी
हिमांशु ने बताया कि उन्होंने बिना किसी ऑफलाइन कोचिंग के घर से ही ऑनलाइन तैयारी की। केवल इंटरव्यू के लिए इंदौर गए थे। इससे पहले उनका चयन स्कूल सहायक संचालक के पद पर भी हो चुका था। डिप्टी कलेक्टर बनने का यह उनका दूसरा प्रयास था।
परिवार ने हर कदम पर बढ़ाया हौसला
हिमांशु की सफलता के पीछे उनके परिवार का बड़ा योगदान रहा। पिता महेश कुमार सोनी ने बताया कि जन्म से ही हिमांशु को कई शारीरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। स्कूल में उनके लिए विशेष फर्नीचर बनवाया गया ताकि वह आराम से पढ़ाई कर सकें। जहां दूसरे बच्चे खेलते थे, वहीं हिमांशु अपना अधिकांश समय पढ़ाई में लगाते थे।
शानदार शैक्षणिक रिकॉर्ड
कड़ी मेहनत के दम पर हिमांशु ने 10वीं में 86.75 प्रतिशत, 12वीं में 87.5 प्रतिशत और ग्रेजुएशन में 78 प्रतिशत अंक हासिल किए। बेटे की सफलता पर पिता भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे गर्व और खुशी का दिन है।
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युवाओं को दिया प्रेरणादायक संदेश
हिमांशु सोनी ने युवाओं से कहा कि असफलताओं से कभी घबराना नहीं चाहिए। लगातार मेहनत, अभ्यास और खुद पर भरोसा रखने वाला व्यक्ति एक दिन जरूर सफल होता है। उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर भी लोगों को काफी प्रेरित कर रहा है।
