जवाब दाखिल करने के लिए हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह को दी 27 मई तक की मोहलत; अग्रिम जमानत निरस्त करने का है मामला

Giribala Singh Get Two Days Time: ट्विशा शर्मा केस में बड़ा अपडेट सामने आया है। पूर्व जज गिरिबाला सिंह को हाईकोर्ट ने दो दिन की मोहलत दी है, अब इस मामले को लेकर 27 मई को सुनवाई होगी।
Giribala Singh Get Two Days Time On Anticipatory Bail Cancellation Petition
गिरिबाला सिंह (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Giribala Singh Get Two Days Time On Anticipatory Bail Cancellation Petition: ट्विशा शर्मा मामले को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक सुनवाई जारी है। सोमवार को जबलपुर हाईकोर्ट में रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह की अग्रिम जमानत निरस्त करने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई, जिस पर आज सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान गिरीबाला सिंह की ओर से जवाब प्रस्तुत करने के लिए अदालत से समय मांगा गया। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 मई की तारीख तय करते हुए याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी।

अब 27 मई को हाईकोर्ट में होगी सुनवाई

ट्विशा शर्मा मौत मामले में सास और रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह को भोपाल जिला अदालत से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। हालांकि ट्विशा के परिजनों और उनके वकील ने इस जमानत का विरोध करते हुए इसे निरस्त करने की मांग की थी। इसी संबंध में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सोमवार दोपहर 2:30 बजे सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान गिरीबाला सिंह की ओर से पेश वकीलों ने जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से अतिरिक्त समय मांगा। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 मई की तारीख निर्धारित कर दी।

गिरिबाला सिंह को समय मिलने पर क्या बोले ट्विशा के वकील

ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट पीयूष तिवारी ने कहा कि गिरीबाला सिंह को अपना पक्ष रखने और जवाब प्रस्तुत करने का पूरा कानूनी अधिकार है। इसी कारण अदालत ने उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है। उन्होंने कहा कि मामले में न्यायिक प्रक्रिया के तहत सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जा रहा है।

अब मीडिया में कोई भी पक्ष नहीं दे सकेगा बयान

गिरीबाला सिंह की अग्रिम जमानत निरस्त करने से जुड़े मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने बताया कि गिरीबाला सिंह को नोटिस की तामिली नहीं हो सकी थी, इसलिए उनकी ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया। कोर्ट ने उन्हें 27 मई तक जवाब पेश करने की अनुमति दी है।

इस दौरान महाधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में भी जबलपुर से शामिल हुए। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि अब मामले से जुड़ा कोई भी पक्ष मीडिया में बयान नहीं देगा। सभी पक्षों को अपनी बात केवल जांच एजेंसियों के सामने रखने को कहा गया है। साथ ही इस मामले की जांच अब सीबीआई को सौंप दी गई है।

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