ट्विशा शर्मा केस: 13 दिन बाद हुई अंतिम विदाई, भाई ने दी ट्विशा के शव को मुखाग्नि; परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा के शव को दूसरे पोस्टमार्टम के बाद अंतिम विदाई के लिए ले जाया गया। ट्विशा के भाई ने मुखाग्नि दी, इस दौरान परिजनों का रो-रोकर हुआ बुरा हाल।
Twisha Sharma Last Rite Bhadbhada Vishram Ghat Bhopal
ट्विशा शर्मा का अंतिम संस्कार (सोर्स- नवभारत डिजाइन)
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Twisha Sharma Last Rite Bhadbhada Vishram Ghat Bhopal: भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मामले में उस समय बेहद भावुक माहौल देखने को मिला, जब दूसरे पोस्टमार्टम के बाद ट्विशा के पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई के लिए ले जाया गया। भदभदा विश्राम घाट पर परिवार भारी मन से अंतिम संस्कार की रस्में निभाता दिखा।

इस दौरान माहौल पूरी तरह गमगीन रहा और हर आंख नम दिखाई दी, क्योंकि एक परिवार अपनी बेटी और जिंदगी के बेहद अनमोल हिस्से को हमेशा के लिए विदा कर रहा था। बता दें कि, आज ट्विशा की मृत्यु के 13 दिन बाद अंतिम संस्कार हुआ।

भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

ट्विशा शर्मा का अंतिम संस्कार भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर हुआ। दूसरे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजन सीधे घाट पहुंचे। इस दौरान परिवार और करीबी रिश्तेदार गहरे सदमे में नजर आए और माहौल पूरी तरह भावुक बना रहा।

ट्विशा के भाई ने दी मुखाग्नि

ट्विशा शर्मा के अंतिम संस्कार से पहले ऐसा माना जा रहा था कि ट्विशा के पिता मुखाग्नि देंगे। हालांकि उनके भाई ने ट्विसा के शव को मुखाग्नि दी। इस दौरान ट्विशा के परिजन काफी ज्यादा सदमे में नजर आए। बता दें कि अंतिम संस्कार के बाद ट्विशा की अस्तियां ऋषिकेश में विसर्जित की जाएंगी।

ट्विशा शर्मा के परिवार ने की थी भावुक अपील

अंतिम संस्कार से पहले ट्विशा के परिवार ने एक भावुक पत्र जारी कर लोगों और सामाजिक संगठनों से शामिल होने की अपील की थी। पत्र में एक पिता का दर्द साफ झलक रहा था। उन्होंने लिखा कि जिस बेटी को कभी गोद में खिलाया, कंधों पर बिठाया और दुल्हन बनाकर विदा किया था, आज उसी की अर्थी को कंधा देना पड़ रहा है। परिवार ने कहा कि वे केवल ट्विशा को नहीं, बल्कि अपने जीवन के सबसे अनमोल हिस्से को विदा कर रहे हैं।

अदालत के आदेश के बाद दिल्ली एम्स ने किया दोबारा पोस्टमार्टम

बता दें कि मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली एम्स की विशेष मेडिकल टीम राजधानी भोपाल पहुंची थी। कोर्ट के निर्देश पर गठित इस चार सदस्यीय टीम में वरिष्ठ डॉक्टर शामिल थे। फॉरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता के नेतृत्व में पोस्टमार्टम किया गया। पूरी प्रक्रिया आधुनिक उपकरणों की मदद से इस तरह संपन्न की गई, जिससे मौत के कारणों को लेकर किसी तरह की शंका न रहे। ऐसे में अब सबकी नजर इस पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

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