

दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद जबलपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार जश्न मनाया। शहर के नौदरा ब्रिज स्थित पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की प्रतिमा के पास बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता एकत्र हुए। यहां मिठाइयां बांटी गईं, पटाखे फोड़े गए और जीत की खुशी में जमकर नारेबाजी की गई।
इस मौके पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि दतिया उपचुनाव का परिणाम सिर्फ एक विधानसभा सीट की जीत नहीं है, बल्कि यह प्रदेश और देश की राजनीति में बदलाव का संकेत है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि दतिया चुनाव तो झांकी है, अभी तो पूरा देश बाकी है। कांग्रेस का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी की जनविरोधी नीतियों, महंगाई, बेरोजगारी और जनता से जुड़े मुद्दों की अनदेखी का असर चुनाव परिणाम में साफ दिखाई दिया है। नेताओं ने दावा किया कि जनता अब बदलाव चाहती है और उसका भरोसा एक बार फिर कांग्रेस की ओर बढ़ रहा है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि दतिया की जीत से पूरे संगठन में नया उत्साह आया है मां पीताम्बरा ने उन्हें आशीर्वाद दिया है और आने वाले चुनावों में पार्टी और मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी। उनका दावा है कि यह परिणाम आने वाले समय में कांग्रेस के लिए शुभ संकेत है।
दतिया विधानसभा सीट पर मतदान 30 जुलाई को हुआ था, जबकि मतगणना सोमवार को पूरी हुई। चुनाव परिणाम के अनुसार कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह को कुल 66,757 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 60,732 वोट प्राप्त हुए। इस तरह कांग्रेस ने 6,025 मतों के अंतर से जीत दर्ज कर सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा। यह जीत प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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गौरतलब है कि, भारतीय जनता पार्टी की इस हार के पीछे एक बड़ी वजह डॉ नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटना भी बताया जा रहा है। हालांकि इस चुनाव में भाजपा ने अपनी पूरी ताकत लगा दी थी, सीएम मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के अलावा नरोत्तम मिश्रा ने भी भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के पक्ष में प्रचार किया था लेकिन इसका जनता पर कोई असर नहीं दिखा।