बरगी क्रूज हादसा: आयोग ने दिए स्पष्ट निर्देश; जांच के लिए सुरक्षित रखने होंगे इंजन और जनरेटर
Jabalpur Cruise Accident Investigation: बरगी क्रूज हादसा जांच, जस्टिस संजय द्विवेदी आयोग का बड़ा निर्देश, बांध का पानी बढ़ने से पहले क्रूज के इंजन-जनरेटर सुरक्षित स्थान पर हटाने के आदेश।
- Reported By: पवन पटेल | Edited By: सजल रघुवंशी
जबलपुर क्रूज हादसे पर आयोग के निर्देश (सोर्स- सोशल मीडिया)
Bargi Cruise Accident: बरगी क्रूज हादसे की जांच कर रहे आयोग ने दुर्घटनास्थल पर मौजूद महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए पर्यटन विभाग को अहम निर्देश जारी किए हैं। जस्टिस संजय द्विवेदी की अध्यक्षता वाले जांच आयोग ने कहा है कि दुर्घटनाग्रस्त क्रूज के दोनों इंजन और जनरेटर को तत्काल मौके से हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखा जाए।
आयोग का मानना है कि मानसून के दौरान बरगी बांध का जलस्तर बढ़ने से ये उपकरण पानी में डूब सकते हैं या क्षतिग्रस्त हो सकते हैं, जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है। इसलिए सभी अहम तकनीकी साक्ष्यों को संरक्षित रखना आवश्यक है।
तकनीकी जांच के लिए सुरक्षित रहेंगे उपकरण
आयोग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर क्रूज के इंजन और जनरेटर की विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जांच कराई जाएगी। ऐसे में इन उपकरणों का सुरक्षित और मूल स्थिति में उपलब्ध रहना बेहद जरूरी है। आयोग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि क्रूज के अन्य अवशेषों को भी व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित स्थान पर रखा जाए और उनकी निगरानी सुनिश्चित की जाए। इस पूरी कार्रवाई की जिम्मेदारी संबंधित तहसीलदार को सौंपी गई है, ताकि जांच के दौरान किसी भी प्रकार के साक्ष्य नष्ट न हों।
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देर से लिए गए फैसले पर उठे सवाल
आयोग के इस फैसले पर कुछ लोगों ने सवाल भी खड़े किए हैं। उनका कहना है कि इस घटना (बरगी क्रूज हादसा) को दो महीने से अधिक समय बीत चुका है और इतने लंबे अंतराल में इंजन तथा जनरेटर के साथ छेड़छाड़ होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में अब साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का फैसला काफी देर से लिया गया कदम माना जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि यह कार्रवाई हादसे के तुरंत बाद की जाती तो जांच और अधिक प्रभावी हो सकती थी।
13 लोगों की मौत के बाद गठित हुआ था जांच आयोग
गौरतलब है कि बरगी क्रूज हादसे में 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरे मध्य प्रदेश में इस घटना को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। हादसे के बाद राज्य सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जस्टिस संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में जांच आयोग का गठन किया था।
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इससे पहले नागरिक उपभोक्ता मंच ने भी आयोग के समक्ष आशंका जताई थी कि बरगी बांध का जलस्तर बढ़ने पर दुर्घटनास्थल पर मौजूद महत्वपूर्ण साक्ष्य पानी में डूब सकते हैं। आयोग अब विशेषज्ञों की मदद से क्रूज की तकनीकी जांच कराने की तैयारी कर रहा है, ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाकर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जा सके।
