मध्यप्रदेश में 9 साल बाद प्रमोशन की राह तेज, विभागों को 2029 तक की सीनियरिटी लिस्ट तैयार करने के निर्देश

MP Employees Promotion : 9 साल बाद प्रमोशन प्रक्रिया को लेकर सरकार ने 20 विभागों से 2029 तक की सीनियरिटी लिस्ट मांगी है। करीब 2 लाख कर्मचारियों के प्रमोशन और नई भर्तियों का रास्ता खुल सकता है।
MP Promotion Seniority List
वल्लभ भवन (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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MP Promotion Seniority List: मध्यप्रदेश में लंबे समय से रुकी हुई पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर सरकार ने एक बार फिर सक्रियता दिखाई है। करीब 9 सालों से अटके हुए लगभग 2 लाख अधिकारी-कर्मचारियों के प्रमोशन के मामले में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने बड़ा कदम उठाते हुए सभी 20 प्रमुख विभागों से वर्ष 2029 तक की वरिष्ठता सूची (सीनियरिटी लिस्ट) तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं।

जानकारी के अनुसार प्रमोशन से जुड़ा मामला फिलहाल हाईकोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन सरकार ने भविष्य की स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। GAD का उद्देश्य है कि अदालत का फैसला आते ही बिना देरी के पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू की जा सके।

लाखों कर्मचारियों को मिल सकता है लाभ

सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस प्रक्रिया से प्रदेश के करीब 4.5 लाख अधिकारी-कर्मचारियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है। वहीं प्रमोशन के बाद खाली होने वाले लगभग 2 लाख पदों पर नई भर्तियों का रास्ता भी खुल सकता है, जिससे भर्ती प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

प्रभार के भरोसे चल रहे महत्वपूर्ण विभाग

पिछले कई वर्षों से प्रमोशन न होने के कारण कई विभागों में कामकाज प्रभावित हो रहा है। जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE), लोक निर्माण विभाग (PWD), नर्मदा घाटी विकास और नगरीय विकास जैसे विभागों में कई पद नियमित अधिकारियों की बजाय प्रभारी व्यवस्था पर संचालित हो रहे हैं। उदाहरण के तौर पर PHE विभाग में कार्यपालन यंत्री के 127 स्वीकृत पदों में से केवल 15 पर ही नियमित अधिकारी कार्यरत हैं, जबकि शेष पद प्रभारी व्यवस्था के सहारे चल रहे हैं।

लोक सेवा प्रमोशन नियम-2025 के तहत प्रक्रिया

GAD ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया मध्यप्रदेश लोक सेवा प्रमोशन नियम-2025 के नियम-5 के तहत ही की जाएगी। इसमें किसी भी प्रकार का संशोधन नहीं किया गया है। विभागों को एससी, एसटी और अनारक्षित वर्गों के पदों का निर्धारण नियमों के अनुसार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, सीनियरिटी लिस्ट को अब साल में दो बार जनवरी और जुलाई में अपडेट करने की व्यवस्था लागू की जाएगी, ताकि रिकॉर्ड हमेशा अद्यतन रहे।

अधिकारियों में अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं

हालांकि सरकार के निर्देशों के बाद विभागीय स्तर पर हलचल तेज है, लेकिन कई अधिकारी अभी भी स्थिति को लेकर स्पष्ट नहीं हैं। उप सचिव स्तर के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल केवल सीनियरिटी लिस्ट तैयार करने के निर्देश मिले हैं। चूंकि मामला न्यायालय में लंबित है, इसलिए अंतिम निर्णय अदालत के रुख और मध्यप्रदेश सरकार के अगले आदेशों पर निर्भर करेगा।

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